शिंदे पर टिप्पणी के मामले में कुणाल कामरा और सुषमा अंधारे को कारण बताओ नोटिस, महाराष्ट्र विधानमंडल की समिति का फैसला
महाराष्ट्र विधानमंडल की विशेषाधिकार समिति ने उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कॉमेडियन कुणाल कामरा और शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय सोमवार को भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में लिया गया। समिति के अनुसार, दोनों को आगामी दो दिनों में नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस का मसौदा कानूनी समीक्षा के लिए कानून एवं न्याय विभाग को भेजा गया है। नोटिस मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय के माध्यम से संबंधित व्यक्तियों को सौंपा जाएगा।
क्या है मामला?
भाजपा एमएलसी प्रवीण दारेकर ने इस वर्ष के बजट सत्र के दौरान विधानमंडल में एक विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
प्रस्ताव में कहा गया कि कुणाल कामरा ने एक ‘पैरोडी गाना’ जारी किया, जिसमें उपमुख्यमंत्री शिंदे को लेकर अपमानजनक संदर्भ और टिप्पणियाँ की गई थीं।
वहीं सुषमा अंधारे पर आरोप है कि उन्होंने कामरा का समर्थन करते हुए असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे विधानमंडल की गरिमा के खिलाफ माना गया।
आगे की प्रक्रिया
विशेषाधिकार समिति का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद दोनों व्यक्तियों को लिखित या मौखिक रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। समिति की अंतिम सिफारिशें सुनवाई और स्पष्टीकरण के बाद तय की जाएंगी।
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