दिल्ली की हवा में ऐतिहासिक सुधार, दशहरे के बाद AQI ‘संतोषजनक’ श्रेणी में पहुँचा
दशहरे के एक दिन बाद दिल्ली में वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को बताया कि राजधानी का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गिरकर 88 पर आ गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है।
दिल्ली के प्रदूषण हॉटस्पॉट माने जाने वाले नरेला और मुंडका में भी AQI क्रमशः 66 और 76 दर्ज किया गया। सिरसा ने कहा कि यह सुधार केवल मौसम का प्रभाव नहीं है, बल्कि सरकार और एजेंसियों के लगातार प्रयासों का नतीजा है।
दिल्ली की हवा क्यों सुधरी?
मंत्री के मुताबिक, मशीन से सड़क सफाई, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, अपशिष्ट बायो-माइनिंग और कचरा प्रबंधन जैसे कदम असर दिखा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में मिस्टिंग सिस्टम, रियल-टाइम निगरानी और बड़े प्रोजेक्ट्स में एंटी-स्मॉग गन का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
साल 2025 का अब तक का प्रदर्शन
1 जनवरी से 3 अक्टूबर 2025 तक दिल्ली ने 190 स्वच्छ वायु दिवस दर्ज किए हैं। यह आंकड़ा लगभग एक दशक में सबसे अधिक है। केवल 2020 का रिकॉर्ड (227 दिन), जब कोविड लॉकडाउन लागू था, अभी आगे है।
बीते 24 घंटे की कार्रवाइयाँ
10,869 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया।
6,265 किमी सड़कों की सफाई की गई।
2,171 मीट्रिक टन निर्माण कचरा हटाया गया।
8,894 मीट्रिक टन पुराने कचरे की बायो-माइनिंग की गई (भलस्वा: 3,839, ओखला: 2,547, गाजीपुर: 2,508)।
सिरसा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली अल्पकालिक उपायों से दीर्घकालिक समाधानों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि यह बदलाव कोई संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित रणनीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
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