हिमाचल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही, 66 लोगों की मौत; 10 जिलों के लिए चेतावनी जारी

0

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

बुधवार को भी शिमला सहित राज्य के अधिकांश इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र ने 28 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बुधवार को किन्नौर और लाहुल-स्पीति को छोड़कर शेष 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और ऊना में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 100 से अधिक सड़कें बंद हैं। वहीं, मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 66 लोगों की जान जा चुकी है।

नदी-नालों से दूर रहने की सलाह

मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी है।

कांगड़ा की बोह घाटी में तबाही के निशान

कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में बादल फटने के बाद हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। प्रभावित परिवार बह गए सामान और कीमती वस्तुओं की तलाश में जुटे हैं। तेज बहाव से मक्के की फसल बर्बाद हो गई, कई सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि पुलियां भी बह गई हैं।

कई गांवों का संपर्क टूटा, राहत अभियान जारी

भूस्खलन के कारण कई गांवों का एक-दूसरे से संपर्क कट गया है। गड़घूं क्षेत्र में बुधवार को फिर भूस्खलन हुआ। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। प्रशासन ने 160 प्रभावित लोगों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बोह में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की है।

उधर, बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीडियो कॉल के माध्यम से प्रभावित परिवारों से बातचीत कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। नियांगल पंचायत के मियोली गांव में नाले का बहाव बदलने से 15 मकान खतरे की जद में आ गए हैं, जबकि चार परिवारों के घरों और आंगनों को नुकसान पहुंचा है।

Comments are closed.