दिल्ली में प्रदर्शनों से त्योहारी सीजन का कारोबार प्रभावित, व्यापारियों का फूटा गुस्सा; बोले- रोजी-रोटी पर संकट

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सीजेपी के प्रदर्शनों से दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान, त्योहारी सीजन में बाजारों से ग्राहक नदारद

दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के चलते राजधानी के प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के ऐलान के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कई मार्गों पर आवाजाही बाधित रही। इसका असर त्योहारी खरीदारी पर भी देखने को मिला। दुकानदारों के मुताबिक, दुकानें खुली होने के बावजूद बाजार में ग्राहकों की संख्या बेहद कम रही।

त्योहारों के दौरान बिक्री बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारी अब अपने कारोबार और खर्चों को लेकर चिंतित हैं। कनॉट प्लेस के अलावा खान मार्केट और पुरानी दिल्ली के व्यापारियों ने भी प्रदर्शन, ट्रैफिक प्रतिबंधों और रास्तों में बदलाव के कारण बिक्री प्रभावित होने की शिकायत की है।

वीकेंड की बिक्री पर असर, दुकानदारों की बढ़ी चिंता

व्यापारियों के अनुसार, सप्ताहांत में आम तौर पर कुल बिक्री का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा होता है। लेकिन शुक्रवार को कनॉट प्लेस में ग्राहकों की आवाजाही सामान्य से काफी कम रही। वेंगर्स के एक प्रतिनिधि ने बताया कि उस समय सामान्य ग्राहकों की संख्या 10 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंची थी।

गुजरात से हर साल पारंपरिक उत्पाद बेचने दिल्ली आने वाली एक महिला विक्रेता ने बताया कि उनके परिवार ने इस बार उन्हें यहां आने से मना किया था। इसके बावजूद वह कारोबार की उम्मीद में दिल्ली पहुंचीं, लेकिन ग्राहकों की कमी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

बिक्री घटने का दावा, व्यापार संगठनों ने जताया विरोध

कनॉट प्लेस, खान मार्केट और पुरानी दिल्ली के कई व्यापारियों का आरोप है कि बार-बार होने वाले प्रदर्शनों के कारण उनकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि सड़कें बंद होने, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते। कुछ व्यापारियों ने बिक्री में भारी गिरावट की शिकायत करते हुए इसे सामान्य स्तर के लगभग 10 प्रतिशत तक सिमटने का दावा किया है।

व्यापारी संगठनों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में प्रदर्शनों से बचा जाए। कई व्यापार संघों ने इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की हैं। मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर को होनी है।

‘कनॉट प्लेस हमारा कार्यस्थल है, प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह चुनें’

न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने गुरुवार रात प्रदर्शनकारियों से कनॉट प्लेस में प्रदर्शन नहीं करने की अपील की। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह विरोध करने के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन इससे कारोबारियों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

एसोसिएशन के पोस्टर पर लिखा था, ‘आप बेहतर कल के लिए प्रदर्शन करते हैं, हमारे आज को मत मारो।’

NDTA के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम के बाद इंडिया ब्लॉक के एक अन्य प्रदर्शन से भी कारोबारियों की परेशानियां बढ़ीं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन और प्रॉपर्टी टैक्स जैसे नियमित खर्च चुकाने होते हैं। कारोबार ठप होने से इन खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है।

भार्गव ने कहा कि कनॉट प्लेस उत्तर और दक्षिण दिल्ली के बीच एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि बाजारों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित न हों।

खान मार्केट और पुरानी दिल्ली के बाजारों में भी परेशानी

खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने बताया कि निजामुद्दीन, इंडिया हैबिटेट सेंटर, सफदरजंग और रेस कोर्स की ओर से आने वाले प्रवेश मार्ग बंद किए जाने से ग्राहकों को परेशानी हुई। व्यापारियों के मुताबिक, यातायात प्रतिबंधों के कारण कई लोग बाजारों तक नहीं पहुंच सके।

दिल्ली व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सदर बाजार, चांदनी चौक, खारी बावली और भागीरथ पैलेस जैसे प्रमुख बाजारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन बाजारों में देश के विभिन्न हिस्सों से व्यापारी और ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। ट्रैफिक जाम और रास्तों पर प्रतिबंध से उनके कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

व्यापारियों का कहना है कि बाजारों तक पहुंच बाधित होने से खुदरा दुकानों के साथ-साथ थोक कारोबार भी प्रभावित होता है।

त्योहारी माल नहीं बिका तो पूंजी फंसने का डर

सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि महंगाई के कारण व्यापारी पहले से ही दबाव में हैं। ऐसे में प्रदर्शनों के चलते कारोबार प्रभावित होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

उन्होंने चिंता जताई कि यदि त्योहारी सामान समय पर नहीं बिकता है, तो व्यापारियों की पूंजी फंस सकती है। इससे उन्हें आगे की खरीदारी और दूसरे व्यावसायिक खर्चों को पूरा करने में भी दिक्कत हो सकती है।

वहीं, पालिका बाजार मार्केट शॉपकीपर्स एसोसिएशन के महासचिव विनय ठाकुर ने कारोबारियों की आजीविका पर पड़ रहे असर को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह लगातार दूसरा सप्ताहांत है, जब बाजारों का कारोबार प्रभावित हुआ है।

व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि प्रदर्शन के अधिकार और व्यापारियों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

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