“वित्त मंत्री का बयान: AI चोरी रोकने में सहायक, लेकिन इंसानी समझ जरूरी”

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: AI मददगार, लेकिन मानव निर्णय जरूरी

कर्नाटक के विजयनगर में आयोजित वित्त मंत्रालय के दो-दिवसीय चिंतन शिविर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि Artificial Intelligence (AI) जमीनी कार्यों में सहायता कर सकता है और चोरी का पता लगाने में मददगार साबित होगा, लेकिन इसका इस्तेमाल ह्यूमन इंटेलिजेंस और निर्णय के तहत होना चाहिए।

शिविर में केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस आयोजन में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्य चर्चा बिंदु:

  1. राज्यों और शहरी निकायों को सशक्त कर financing architecture को मजबूत करना।
  2. कॉर्पोरेट बांड बाजारों का विस्तार।
  3. डिजिटल और collateral-free ऋण के माध्यम से निजी निवेश को प्रोत्साहन।
  4. Ease of Doing Business को सरल और सुविधाजनक बनाना।
  5. विवाद समाधान (dispute resolution) की प्रक्रिया को तेज़ करना।
  6. विश्वास-आधारित GST, सीमा शुल्क और कॉर्पोरेट प्रक्रियाओं के माध्यम से व्यापार को बढ़ावा।
  7. AI का प्रभावी उपयोग, लेकिन मानव नेतृत्व और जवाबदेही के तहत।

वित्त मंत्री ने कहा कि इन पहलुओं को कारगर तरीके से लागू किया गया तो भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने अधिकारियों से सामूहिक प्रयास में योगदान देने और गरीबी व असमानता को कम करने के लिए सतत समृद्धि (sustained prosperity) सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

चिंतन शिविर के दौरान वित्त मंत्री ने “AI, Ease of Doing Business & Financing for Viksit Bharat” सत्र का संचालन किया और जोर दिया कि AI केवल सहायक होगा; अंतिम निर्णय और जवाबदेही मानव नेतृत्व में ही रहनी चाहिए।

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