SIR पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, LLB डिग्रीधारी ममता बनर्जी खुद रखेंगी पक्ष

4

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा।

इसी मामले से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर भी शीर्ष अदालत में अहम सुनवाई होगी। सूत्रों के मुताबिक, एलएलबी डिग्रीधारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रह सकती हैं और खुद दलीलें पेश कर सकती हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें ममता बनर्जी फाइलों के साथ सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। पोस्ट के कैप्शन में उन्हें ‘People’s Advocate’ बताया गया है, जबकि विपक्षी रुख को ‘Devil’s Advocate’ कहा गया है। संदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री SIR के खिलाफ कानूनी चुनौती को सुप्रीम कोर्ट में आगे बढ़ा रही हैं।

यह मामला प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। पीठ मोस्तरी बानू, तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन की ओर से दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इससे पहले, 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी मतदाता को असुविधा न हो।

इस बीच, ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उनके खिलाफ महाभियोग की मांग की और इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से समर्थन मांगा। SIR के विरोध में अभियान के तहत मुख्यमंत्री राष्ट्रीय राजधानी में हैं।

एक दिन पहले निर्वाचन आयोग के साथ हुई बैठक के दौरान ममता बनर्जी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ बाहर निकल आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अहंकार दिखाया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। मुख्यमंत्री का दावा है कि SIR के तहत मतदाता सूची से हटाए जा रहे नामों में अधिकांश तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के हैं।

ममता बनर्जी ने कहा कि प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और अन्य हाशिए पर रहने वाले वर्गों की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में एकतरफा तौर पर 40,000 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में कुर्सियां स्थायी नहीं होतीं, बल्कि जनता स्थायी होती है, और भाजपा पश्चिम बंगाल में कभी सत्ता में नहीं आएगी।

Comments are closed.