दूषित पेयजल पर राहुल गांधी का दोहरा मोर्चा, संसद से विधानसभा तक सरकार को घेरने की तैयारी
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इंदौर दौरे के दौरान पार्टी नेताओं को निर्देश दिए कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के मुद्दे को वह संसद में उठाएंगे, जबकि कांग्रेस विधायक विधानसभा में राज्य सरकार से जवाब मांगेंगे। राहुल गांधी के इस संदेश के बाद कांग्रेस अब 16 फरवरी से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में स्थगन प्रस्ताव लाकर इस विषय पर चर्चा कराने की तैयारी में है।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े नगरीय क्षेत्रों में जलापूर्ति के नमूनों की रिपोर्ट और अब तक हुए खर्च के आंकड़ों को आधार बनाकर सरकार को घेरा जाएगा। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के दौरे के बाद यह मामला राजनीतिक तौर पर और तेज होगा।
पूरे प्रदेश का मुद्दा बताया
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दूषित पेयजल केवल एक नगर निगम या एक इलाके तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे मध्य प्रदेश में फैला संकट है। उनका आरोप है कि सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा, जो भाजपा सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। राहुल गांधी ने खुद प्रभावित इलाके का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, जबकि अब तक न मुख्यमंत्री और न ही कोई बड़ा भाजपा नेता मौके पर पहुंचा।
जवाबदेही तय करने की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा में यह सवाल उठाया जाएगा कि दूषित पानी से हुई मौतों का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने पूछा कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
मुआवजे पर सियासी तकरार
सरकार की ओर से दूषित जल से जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है, लेकिन कांग्रेस इसे नाकाफी बताते हुए मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रही है।
राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की ओर से मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई, जबकि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अलग से 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। इस तरह कांग्रेस की ओर से कुल डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सहायता दिए जाने के बाद मुआवजे को लेकर राजनीतिक खींचतान और तेज हो गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब विपक्ष इतनी मदद कर सकता है, तो सरकार को भी पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा राशि बढ़ानी चाहिए।
सरकार का जवाब
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, “भागीरथपुरा के नागरिक हमारे अपने हैं। जैसे आवश्यकता होगी, वैसी सहायता की जाएगी। सरकार हरसंभव मदद के लिए तैयार है।”
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