UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, आतंकवाद पर बोला- ‘जिस भस्मासुर को पाला, अब वही बन गया चुनौती’

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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा और उसके कथित दोहरे रवैये पर सवाल उठाए।

यूएन जनरल असेंबली की छठी समिति में भारत के फर्स्ट सेक्रेटरी रघु पुरी ने कहा कि पाकिस्तान ने जिन आतंकवादी ताकतों को खड़ा किया, वे अब उसके नियंत्रण से बाहर हो चुकी हैं और पाकिस्तान को भी हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।

पुरी पाकिस्तान के डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव उस्मान जादून की भारत के खिलाफ टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद खुद को आतंकवाद का पीड़ित और उससे लड़ने वाला देश बताता है, लेकिन उन संगठनों और ताकतों के इतिहास पर बात नहीं करता जिन्हें पाकिस्तान में लंबे समय तक समर्थन मिलने के आरोप लगते रहे हैं।

‘एक साथ दो विरोधी पक्षों के साथ नहीं चल सकते’

रघु पुरी ने पाकिस्तान की नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक देश एक ही समय में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का दावा और आतंकवादी ताकतों के समर्थन की भूमिका नहीं निभा सकता। उन्होंने कहा कि जिन ‘फ्रेंकस्टीन’ को तैयार किया गया, वे अब अपने कथित संरक्षकों के लिए ही खतरा बन गए हैं।

उन्होंने पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि इस स्थिति को लेकर पाकिस्तान के भीतर से भी आवाजें उठती रही हैं।

नवाज शरीफ के 2018 के बयान का जिक्र

भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान की पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के हालिया बयान का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने उनके पिता और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2018 में दिए एक इंटरव्यू का हवाला दिया।

पुरी ने कहा कि उस इंटरव्यू में नवाज शरीफ ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों और 26/11 मुंबई हमले से जुड़े तत्वों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि आतंकवाद पर पाकिस्तान का रुख उसके अपने पुराने बयानों से भी विरोधाभासी दिखाई देता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पाकिस्तानी दावों पर निशाना

पुरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पाकिस्तान की ओर से किए गए जीत के दावों को भी खारिज किया। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य नैरेटिव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि क्षतिग्रस्त एयरफील्ड और रनवे को जीत का प्रतीक माना जा रहा है, तो पाकिस्तान ऐसा मान सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सैन्य कार्रवाई के नतीजों को लेकर गलत सूचना और मनोवैज्ञानिक अभियान के जरिए एक अलग तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई।

पहलगाम हमले का भी किया उल्लेख

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा भी संयुक्त राष्ट्र में उठाया। पुरी ने कहा कि हमले में आतंकवादियों ने पीड़ितों की धार्मिक पहचान पूछकर उन्हें निशाना बनाया था।

उन्होंने कहा कि एक तरफ पाकिस्तान धार्मिक नफरत और आतंकवाद से मुकाबला करने की बात करता है, जबकि दूसरी ओर भारत सीमा पार आतंकवाद को लेकर उस पर लगातार आरोप लगाता रहा है।

मसूद अजहर का जिक्र करते हुए पुरी ने पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि मीडिया उसके ठिकाने तक पहुंच सकता है और उसके बयानों को रिपोर्ट कर सकता है, तो पाकिस्तानी सरकार के लिए उसके ठिकाने से अनजान रहने का दावा सवालों के घेरे में आता है।

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