ईरान से सुरक्षित वापसी पर भावुक हुए भारतीय, कहा- हिंदुस्तान जिंदाबाद!

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ईरान से सुरक्षित लौटे 290 भारतीय, एयरपोर्ट पर गूंजा ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’

भारत सरकार के राहत अभियान ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत शुक्रवार रात 290 भारतीयों को युद्धग्रस्त ईरान से सुरक्षित स्वदेश लाया गया। वहीं, शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे एक अन्य विमान 56 जायरीनों को लेकर जेद्दा से दिल्ली पहुंचा। घर लौटे नागरिकों और उनके परिजनों की आंखों में आंसू थे, लेकिन उन आंसुओं में डर नहीं, राहत और गर्व की चमक थी।

“शुक्रिया बहुत छोटा शब्द है”
दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे कश्मीर के एक युवक ने कहा, “ईरान में बीते दस दिन एक खौफनाक अनुभव थे। हमारी बिल्डिंग के पास इजरायली मिसाइल गिरी थी, और मैं कई रातों से सो नहीं सका। अब जब मैं भारत की मिट्टी पर खड़ा हूं, तो समझ नहीं आता कि शुक्रिया जैसा छोटा शब्द इस एहसान को कैसे बयान करे।” भावुक होते हुए उन्होंने ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

बताया गया कि मिसाइल हमलों में कुछ भारतीय छात्र घायल भी हुए थे, हालांकि अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने साथियों के साथ लौट आए हैं।

फूलों से स्वागत, देशभक्ति से भरा माहौल
ईरान से लौटने वालों में छात्र ही नहीं, बल्कि जायरीन भी शामिल थे। जैसे ही वे एयरपोर्ट पहुंचे, परिजनों ने फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। करनाल, यूपी, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से आए परिवारों ने ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे नारे लगाते हुए सरकार का आभार जताया।

“सरकार ने बेटी को वैसे लौटाया जैसे शायद मैं भी न लौटा पाता”
एक पिता ने कहा, “अगर मैं खुद ईरान में होता, तो भी शायद अपनी बेटी को इतनी सुरक्षा और सम्मान से नहीं ला पाता, जितनी बेहतरीन व्यवस्था भारत सरकार ने की।” उनकी बेटी, जो वहां पढ़ाई कर रही थी, ने बताया, “दूसरे देशों के छात्र अब भी फंसे हैं, लेकिन हमें भारत ने तुरंत निकाल लिया। मैं खुद को गर्व से भारतीय कहती हूं।”

“ईरान में हर धर्म को सम्मान”
एक छात्रा ने ईरान में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “वहां हर धर्म और महिलाओं को बराबर सम्मान मिलता है। लोग बिना डर के जीवन जीते हैं और किसी तरह का भेदभाव नहीं होता।”

जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी निभाई अहम भूमिका
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए छात्रों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए पहले वोल्वो और फिर डीलक्स बसों की व्यवस्था की। छात्र यूनियन ने भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन दोनों का आभार जताया।

एयरपोर्ट पर केक काटकर मनाया जश्न
कई परिवारों ने एयरपोर्ट पर ही केक काटकर बच्चों की सुरक्षित वापसी का जश्न मनाया। एक मां ने कहा, “हमारे पास शुक्रिया कहने के लिए शब्द नहीं हैं। बच्चे को गले लगाना और उसे सुरक्षित देखना — इससे बड़ा तोहफा कोई नहीं हो सकता।”

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