अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब 11वें दिन में पहुंच गया है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि सैन्य अभियान के अधिकतर लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं और युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। यह बयान उनके पहले दिए गए उस अनुमान से अलग है, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन के लिए करीब पांच हफ्तों का समय बताया था।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चेतावनी
ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर खाड़ी क्षेत्र के तेल ठिकानों या अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका बेहद कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान को भारी तबाही का सामना करना पड़ सकता है।
तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव
तनाव बढ़ने के बाद वैश्विक तेल बाजार में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी एक-दिन की बढ़त बताया जा रहा है। हालांकि बाद में कीमतों में गिरावट आई और यह 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई।
ईरान ने तेल की कीमतों में आई इस तेजी पर तंज कसते हुए अमेरिकी अभियान को “ऑपरेशन एपिक मिस्टेक” बताया।
मिसाइल हमलों की रफ्तार घटी
युद्ध के शुरुआती दिनों में ईरान ने इजरायल, खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। हालांकि हाल के दिनों में इन हमलों की तीव्रता कुछ कम हुई है।
इसके बावजूद मंगलवार सुबह करीब नौ घंटे के अंतराल के बाद ईरान ने फिर इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
ईरान में नया सर्वोच्च नेता
युद्ध के बीच ईरान में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है। 56 वर्षीय Mojtaba Khamenei को नया सर्वोच्च नेता बनाया गया है। वह पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के बेटे हैं, जिनकी मौत युद्ध के शुरुआती अमेरिकी-इजरायली हमलों में हुई बताई जा रही है।
मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति को ईरान की ओर से कड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
ब्रिटेन और NATO की गतिविधियां तेज
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए NATO और ब्रिटेन ने भी सैन्य तैयारियां बढ़ा दी हैं। ब्रिटेन का रक्षा मंत्रालय पूर्वी भूमध्य सागर में अतिरिक्त तैनाती की तैयारी कर रहा है। इस मिशन में युद्धपोत HMS Dragon के साथ RFA Lyme Bay को भी तैनात किया जा सकता है।
युद्ध के बीच मानवीय संकट
युद्ध के बीच मानवीय संकट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पांच ईरानी महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को Australia ने मानवीय वीजा दिया है। ये खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के कैंप से निकलकर वहां पहुंचीं और शरण मांगी। फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका संघर्ष को जल्द खत्म करने के संकेत दे रहा है, लेकिन ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई जारी रहने से क्षेत्र में तनाव बरकरार है।
Comments are closed.