ईरान के खामेनेई का तीखा आरोप: इजरायल-अमेरिका पर शासन गिराने की साजिश रचने का दावा
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक बार फिर अमेरिका और इजरायल को लेकर तीखा रुख अपनाया है। बुधवार को दिए बयान में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और उसका सहयोगी इजरायल ईरान में अशांति फैलाकर शासन को कमजोर करने और अंततः गिराने की कोशिश कर रहे हैं।
खामेनेई ने इजरायल को अमेरिका का “बंधा हुआ कुत्ता” करार देते हुए कहा कि दोनों देशों की ओर से किए गए हालिया हमलों का मकसद था ईरान की संवेदनशील संस्थाओं और प्रमुख हस्तियों को निशाना बनाना, ताकि लोगों को सड़कों पर उतारा जा सके और इस्लामी व्यवस्था को उखाड़ फेंका जा सके।
12 दिनों की लड़ाई में भारी नुकसान का दावा
खामेनेई का यह बयान उस संघर्ष के बाद आया है जो जून में 12 दिनों तक चला। ईरान का दावा है कि इजरायली हमलों में उसके कई शीर्ष सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए, और कुल मिलाकर 1000 से अधिक लोग मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनमें इजरायल में 28 लोगों की मौत हुई।
कूटनीति के लिए सशर्त तैयार
ईरान ने फिर दोहराया कि वह कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन शर्त यह है कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि, ईरानी संसद ने बुधवार को बिना शर्तों का खुलासा किए ही संभावित वार्ता से इनकार कर दिया। खामेनेई ने भी यह कहा कि कूटनीति और सैन्य रणनीति में आगे बढ़ने से पहले “सावधानी और सटीकता” जरूरी है।
विदेशी ताकतों पर निशाना
बयान में यह भी कहा गया कि हमलावरों को अपनी रणनीति बदलनी होगी “वरना वे पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे।” खामेनेई की यह टिप्पणी क्षेत्रीय तनाव के बीच आई है, जब तेहरान में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर चिंता बढ़ रही है।
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