गाज़ा में इजरायली हमले, 33 फिलिस्तीनियों की मौत; तेल अवीव पर यमनी ड्रोन अटैक
गाज़ा पट्टी में इजरायली सेना के हमले तेज हो गए हैं। शनिवार को टेंट शिविरों और भोजन लेने गए लोगों पर हवाई हमलों और फायरिंग में 33 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र द्वारा गाज़ा सिटी और उसके आसपास के इलाके को अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद यह हमला हुआ।
टेंट पर हवाई हमला
खान यूनिस के बाहर विस्थापितों के टेंट पर हुए हमले में 17 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
मृतकों के परिजन अवाद अबू अगला ने कहा— “गाज़ा में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है, हर तरफ बमबारी हो रही है।”
अन्य हमले
उत्तरी गाज़ा के जिकिम क्रॉसिंग के पास भोजन लेने पहुंचे लोगों पर फायरिंग में 5 लोगों की मौत हुई।
अलग-अलग हमलों में 11 और लोगों की जान गई।
इजरायली सेना का बयान
इजरायली सेना ने कहा कि सैनिकों पर खतरा मंडराने पर फायरिंग की गई, लेकिन किसी को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई गई।
- यमन से ड्रोन हमला
- शनिवार तड़के यमन के हाउती संगठन ने इजरायली शहर तेल अवीव पर ड्रोन हमला किया।
- हमले में कई लोग घायल हुए और हजारों नागरिक भूमिगत आश्रयों में जाने को मजबूर हुए।
- बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई घंटे तक उड़ानें बाधित रहीं।
- इजरायली सेना ने दावा किया कि कुछ ड्रोन गिरा दिए गए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
यूएई ने गाज़ा की स्थिति और वेस्ट बैंक को बांटने की इजरायली योजना की कड़ी निंदा की है।
तुर्किये की प्रथम महिला एमीन एर्दोगन ने अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को पत्र लिखकर गाज़ा के बच्चों और महिलाओं के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया है।
राजनीतिक असर
इजरायल पर कार्रवाई रोकने में नाकाम रहने पर नीदरलैंड्स के विदेश मंत्री कैस्पर वेल्डकैंप ने इस्तीफ़ा दे दिया है।
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