रूसी डीजल डील पर इटली की PM मेलोनी ने जताई चिंता, कहा- समझौते से कमजोर पड़ सकते हैं प्रतिबंध

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अमेरिका-रूस डीजल डील पर भड़कीं जॉर्जिया मेलोनी, बोलीं- पुतिन को मिलेगा फायदा, प्रतिबंधों पर पड़ेगा असर

अमेरिका और रूस के बीच डीजल आपूर्ति समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस समझौते पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फायदा मिल सकता है और यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पर दबाव बनाने की कोशिशें कमजोर पड़ सकती हैं।

बुधवार को इतालवी संसद में बोलते हुए मेलोनी ने कहा कि समझौते के नतीजे अनिश्चित हैं, लेकिन इससे जुड़े जोखिम स्पष्ट हैं। उनके मुताबिक, जब रूस यूक्रेनी शहरों पर हमले जारी रखे हुए है, तब उसके साथ इस तरह का आर्थिक समझौता मॉस्को को वैधता प्रदान कर सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इससे रूस को युद्ध के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने का नया अवसर मिलेगा और उस पर लगाए गए प्रतिबंध अप्रत्यक्ष रूप से कमजोर हो सकते हैं।

मेलोनी का बयान यूरोपीय संघ के आगामी शिखर सम्मेलन से पहले आया है। ऐसे में रूस के खिलाफ प्रतिबंधों और यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों की रणनीति पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

ट्रंप ने किया लाखों टन डीजल आपूर्ति का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 अक्टूबर को रूस से डीजल आपूर्ति की योजना की घोषणा की थी। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, शुरुआती खेप में तीन लाख टन से अधिक डीजल, नवंबर में पांच लाख टन और इसके बाद दस लाख टन डीजल की आपूर्ति की जानी है।

इन खेपों को संभव बनाने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अस्थायी लाइसेंस जारी किया है। इसके तहत वैश्विक बाजार में रूसी डीजल की आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों में 7 अप्रैल 2027 तक ढील दी गई है।

इस फैसले के समर्थकों का तर्क है कि अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। वहीं, आलोचकों का कहना है कि इससे रूस को आर्थिक लाभ मिलने की आशंका है।

क्रेमलिन ने जताई आर्थिक सहयोग बढ़ने की उम्मीद

रॉयटर्स के मुताबिक, क्रेमलिन के दूत किरिल दिमित्रीय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका-रूस डीजल समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के लिए नए रास्ते खोल सकता है।

उनकी टिप्पणी से संकेत मिलता है कि मॉस्को इस समझौते को केवल ईंधन आपूर्ति तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक संबंधों के संभावित अवसर के रूप में भी देख रहा है।

ट्रंप बोले- डीजल अमेरिका नहीं, दुनिया के बाजार के लिए

समझौते की आलोचनाओं के बीच ट्रंप ने इसका बचाव करते हुए कहा कि रूस से आने वाला डीजल वैश्विक बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि ऊंची कीमतों से प्रभावित बाजार में ईंधन की आपूर्ति बढ़ाना जरूरी है।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह डीजल अमेरिका की घरेलू खपत के लिए नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराया जा रहा है।

अमेरिकी सांसदों ने भी जताया विरोध

समझौते को लेकर अमेरिका में भी राजनीतिक विरोध सामने आया है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों के सांसदों के एक समूह ने ट्रंप को पत्र लिखकर इस फैसले की आलोचना की है। सांसदों ने इसे रूस के लिए लाभकारी कदम बताते हुए अमेरिका के सहयोगियों के साथ विश्वासघात जैसी चिंता जाहिर की।

इस विवाद के बीच मुख्य सवाल यह है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत देने के उद्देश्य से किया गया यह समझौता रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की नीति को किस हद तक प्रभावित करेगा। जहां ट्रंप प्रशासन इसे बाजार स्थिर करने की पहल बता रहा है, वहीं मेलोनी और अमेरिकी सांसदों को आशंका है कि इससे मॉस्को को आर्थिक और कूटनीतिक लाभ मिल सकता है।

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