इजरायल-अमेरिका बनाम ईरान टकराव के बीच जयशंकर ने कतर पीएम से साधा संपर्क

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मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के बाद बढ़े तनाव के बीच भारत ने सक्रिय कूटनीतिक पहल शुरू की है।

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani से फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय हालात की जानकारी ली। इस दौरान कतर की ओर से वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई को लेकर आश्वासन दिया गया।

भारत ने संयम की अपील दोहराई

अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया से पश्चिम एशिया में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। भारत ने कहा है कि वह ईरान और खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। नई दिल्ली ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव को और न बढ़ाने तथा नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।

भारत ने यह भी दोहराया कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा मूल मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाना आवश्यक है।

ईरान और इजरायल के विदेश मंत्रियों से भी संपर्क

विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और इजरायल के विदेश मंत्री Gideon Sa’ar से भी अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने दोनों नेताओं को क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और हालात को कूटनीतिक तरीके से संभालने पर जोर दिया।

संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात सहित पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की, जिससे हालात और जटिल हो गए हैं।

भारतीय मिशन अलर्ट मोड में

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में भारतीय दूतावास और मिशन वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में हैं। उन्हें सतर्क रहने, स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और आधिकारिक सलाह का अनुसरण करने को कहा गया है।

भारत ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा संकट का स्थायी समाधान केवल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही संभव है।

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