विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेतृत्व के बीच प्रस्तावित शिखर वार्ता भारत-EU संबंधों में एक ‘नया अध्याय’ शुरू कर सकती है। उन्होंने यह बात यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात के बाद कही।
गणतंत्र दिवस समारोह में EU नेता मुख्य अतिथि
27 देशों के समूह यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेता सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी शिखर वार्ता होगी। इस दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर निर्णायक घोषणा होने की संभावना है। इसके अलावा रणनीतिक रक्षा साझेदारी समझौते और भारतीय पेशेवरों की आवाजाही से जुड़ी एक रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।
जयशंकर ने किया स्वागत
जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है।”
उन्होंने कहा, “77वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में पाकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत भारत-EU संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगी।”
शिखर वार्ता से बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय सहयोग को व्यापक बनाने के लिए कई नई पहलों की घोषणा कर सकते हैं। साथ ही वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा परिदृश्य तथा ट्रंप प्रशासन की नीतियों से उत्पन्न चुनौतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
‘ऐतिहासिक’ व्यापार समझौते की दहलीज पर
वॉन डेर लेयेन शनिवार को नई दिल्ली पहुंचीं, जबकि कोस्टा रविवार को भारत आए। इससे पहले 20 जनवरी को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक “ऐतिहासिक व्यापार समझौते” के बेहद करीब हैं। उनके अनुसार, यह समझौता करीब दो अरब लोगों का साझा बाजार बनाएगा, जो वैश्विक GDP का लगभग एक-चौथाई होगा।
भारत-EU व्यापारिक रिश्ते
पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में लगातार मजबूती आई है। वस्तुओं के व्यापार में यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-EU के बीच कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात करीब 76 अरब डॉलर और आयात लगभग 60 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
Comments are closed.