बिहार चुनाव 2025: पहले चरण की रिकॉर्ड 64.69% वोटिंग और राजनीतिक दावे
बिहार में पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड 64.69% वोटिंग दर्ज हुई, जो पिछली विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 7% अधिक है। इस बंपर वोटिंग ने सत्ता और विपक्ष दोनों के दावों को हवा दी है।
- महागठबंधन का दावा: तेजस्वी यादव ने कहा कि बढ़ा हुआ मतदान बदलाव की इच्छा को दर्शाता है। उनका अनुमान है कि 36 लाख नए मतदाता महागठबंधन के पक्ष में गए हैं।
- एनडीए का नजरिया: वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रधान का कहना है कि यह कोई एंटी-इन्कम्बेंसी नहीं, बल्कि ‘प्रो-इन्कम्बेंसी’ मतदान है। महिलाओं और गरीबों ने सुशासन और कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा जताया।
- प्रशांत किशोर का विश्लेषण: यह वोट किसी एक गठबंधन को नहीं, बल्कि बदलाव और रोजगार के लिए है। प्रवासी मजदूर और युवा, जो पारंपरिक जाति-धर्म राजनीति से ऊपर हैं, निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
- महिला और युवा मतदाता: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं और युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी चुनावी गणित बदल सकती है।
- सामाजिक-आर्थिक मुद्दे: बेरोज़गारी, महिला सशक्तिकरण, पलायन और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं ने मतदाताओं की प्राथमिकता तय की है।
- अंतिम संदेश: रिकॉर्ड मतदान लोकतंत्र की ताकत और जनता की उम्मीद को दिखाता है। परिणाम 14 नवंबर को ईवीएम खुलने के बाद ही स्पष्ट होंगे, लेकिन जनता ने अपना संदेश दे दिया है।
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