अमेरिकी टैरिफ का असर: जयपुर से आभूषण निर्यात रुका, क्रिसमस के ऑर्डर अधर में

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बुधवार को लागू किए गए 50% टैरिफ ने जयपुर के आभूषण उद्योग की रीढ़ तोड़ दी है। विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा स्रोत माने जाने वाले इस क्षेत्र में अचानक आई बाधा ने जौहरी बाजार से लेकर कारीगर गलियों तक गहरी चिंता पैदा कर दी है।

निर्यात ऑर्डर पूरी तरह ठप

जेम पैलेस के मालिक सुधीर कासलीवाल, जिनका परिवार पीढ़ियों से जयपुर के शाही परिवार का निजी जौहरी रहा है, ने बताया कि अमेरिका को जाने वाले सभी निर्यात ऑर्डर रुक चुके हैं। विदेशी खरीदार नए सौदे करने को तैयार नहीं हैं और जो शिपमेंट अमेरिका पहुंच चुकी है, उसे ग्राहक उठा नहीं रहे। कासलीवाल ने कहा कि अमेरिकी पर्यटक भी अब आभूषण खरीदने से बचेंगे, क्योंकि वापसी पर उन्हें भारी शुल्क देना पड़ेगा।

क्रिसमस सीजन पर बड़ा असर

जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक सोंखिया ने कहा कि इस समय तक आमतौर पर क्रिसमस के ऑर्डर मिलने लगते हैं, लेकिन इस साल एक भी ऑर्डर नहीं आया है। उनका कहना है कि आने वाले महीनों में कारोबार पर इसका सीधा असर दिखाई देगा।

18,000 करोड़ का उद्योग संकट में

राजस्थान से रत्न और आभूषणों का कुल निर्यात लगभग 18,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें से अमेरिका का हिस्सा करीब 3,200 करोड़ रुपये है। पन्ना, तंजानाइट, रूबीलाइट, मॉर्गनाइट और एक्वामरीन जैसे कीमती रत्न जयपुर से कटाई-पॉलिशिंग के बाद निर्यात होते हैं, मगर नए टैरिफ के बाद इनके ऑर्डर भी अधर में लटक गए हैं।

कारोबारियों में अनिश्चितता

जौहरी बाजार और गोपाल जी का रास्ता जैसी गलियों में जहां कभी ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहां अब बेचैनी का माहौल है। कारीगर और व्यापारी इस बात से चिंतित हैं कि यदि टैरिफ लंबे समय तक जारी रहा तो जयपुर का आभूषण उद्योग अपनी पारंपरिक चमक और अंतरराष्ट्रीय पहचान खो सकता है।

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