चुनावी साल में नीतीश सरकार की सौगातें: नौकरी, मानदेय वृद्धि और सीसीटीवी सुरक्षा।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें युवाओं, महिलाओं और आम लोगों को ध्यान में रखते हुए कई अहम ऐलान किए गए।
सबसे बड़ा फैसला आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के लिए आया। वर्कर्स का मानदेय 7,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये और हेल्पर्स का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है।
रोजगार पर जोर:
- बेरोजगारी को देखते हुए 8,463 स्वीकृत पदों के अलावा 3,303 नए राजस्व कर्मचारी पद सृजित किए गए।
- युवाओं के लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना भी कैबिनेट से पास हुई।
- ग्रामीण विकास और सामाजिक योजनाएं:
- राज्य के 8,053 पंचायतों में विवाह मंडप बनाने की मंजूरी दी गई। इसके लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
- पटना में जीविका भवन बनाने का फैसला भी हुआ।
कानून-व्यवस्था और शहरी विकास:
176 नए थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 280 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय जैसे शहरों में शवदाह गृह के लिए जमीन सद्गुरु फाउंडेशन को लीज पर दी जाएगी।
चुनावी माहौल में ये फैसले नीतीश सरकार की ओर से हर आयु वर्ग को साधने की कोशिश माने जा रहे हैं।
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