केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, विशेष पूजा में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उच्च गढ़वाल हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट गुरुवार सुबह विधि-विधान और विशेष पूजा-अर्चना के बाद सुबह साढ़े आठ बजे श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की और इस मौके पर तीर्थ-पुरोहितों और श्रद्धालुओं से बातचीत भी की।
🔹 रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम तक 17.57 लाख श्रद्धालु इस वर्ष बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं, गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब सहित चारधाम यात्रा में अब तक कुल 49.67 लाख तीर्थयात्री उत्तराखंड पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम आए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सुनियोजित प्रयासों के चलते चारधाम यात्रा सफल और सुचारू रूप से संपन्न हुई।
🔹 ‘देवभूमि को आध्यात्मिक राजधानी बना रहे हैं’
सीएम धामी ने कहा, “चारधाम यात्रा न केवल प्रदेश की आर्थिकी में योगदान देती है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड को दुनिया भर के सनातन धर्मावलंबियों से जोड़ती है। इस वर्ष की यात्रा सकुशल पूर्ण हुई है, और हम सब पर बाबा केदार का आशीर्वाद बना रहे। प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, उत्तराखंड को सनातन धर्म की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित कर रही है।”
🔹 विकास कार्यों का निरीक्षण
कपाट बंद होने के बाद मुख्यमंत्री ने केदारपुरी में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि चारधामों और मानसखंड क्षेत्र के मंदिरों में भी व्यापक विकास कार्य चल रहे हैं।
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