दिल्ली-एनसीआर में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर लाखों उपभोक्ताओं और व्यवसायों के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है।
Ministry of Petroleum and Natural Gas के हालिया निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के रिफिलिंग और वितरण पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर Noida में देखने को मिल रहा है, जहां करीब चार लाख पीएनजी उपभोक्ता और लगभग 35 हजार एमएसएमई इकाइयां प्रभावित हो रही हैं। गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच Indraprastha Gas Limited (आईजीएल) ने भी उद्योगों को सलाह दी है कि वे वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था पर विचार करें। इससे उद्योगों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आई बाधाओं के कारण एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है और कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए सिलेंडरों की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के आदेश के बाद गैस एजेंसियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की रिफिलिंग और वितरण फिलहाल बंद रखा जाए। हालांकि अस्पतालों, सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य जरूरी सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
पीएनजी आमतौर पर घरेलू रसोई और छोटे व्यवसायों के लिए उपलब्ध रहती है, लेकिन बड़े पैमाने पर गैस पर निर्भर उद्योग—जैसे होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग यूनिट्स और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां—इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। कई जगह गैस गोदामों के बाहर सिलेंडर के लिए लोगों की लंबी कतारें भी लगने लगी हैं।
प्रशासन ने बनाई निगरानी टीम
स्थिति पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार की अगुआई में एक विशेष निगरानी टीम गठित की है। यह टीम आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए गैस आपूर्ति और वितरण की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है।
दिल्ली में होटल-रेस्टोरेंट पर असर
Delhi में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी का सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा है। अनुमान है कि 50 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट, पब और होटल प्रभावित हुए हैं। कई रेस्टोरेंट दूसरे प्रतिष्ठानों से गैस लेकर काम चला रहे हैं, जबकि कुछ जगह ब्लैक मार्केट से सिलेंडर खरीदने की भी खबरें सामने आई हैं। इसके चलते कई जगह खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
All India LPG Distributors Federation के एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट P. N. Seth के अनुसार यह संकट अस्थायी है और रूस से गैस आपूर्ति सामान्य होते ही स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
गाजियाबाद की औद्योगिक इकाइयां भी प्रभावित
Ghaziabad की कई औद्योगिक इकाइयों पर भी इसका असर पड़ा है। एलपीजी पर निर्भर एक फोर्जिंग यूनिट को गैस न मिलने के कारण उत्पादन अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। आईजीएल ने पीएनजी पर निर्भर उद्योगों से गैस खपत कम करने की अपील भी की है।
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