जोधपुर जेल से सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का संदेश, बड़े भाई के जरिए पहुंचाया गया बाहर

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जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने बड़े भाई के जरिए एक नया संदेश भेजा है।

इस संदेश में उन्होंने लेह हिंसा में चार लोगों की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है और कहा है कि जब तक ऐसी जांच नहीं होती, वे जेल में रहने को तैयार हैं। सोनम वांगचुक के भाई त्सेतन दोरजे और वकील मुस्तफा हाजी को विशेष अनुमति के तहत उनसे जेल में मिलने की इजाजत दी गई थी।

वकील ने बताया सोनम की स्थिति
वकील मुस्तफा हाजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर सोनम का संदेश साझा करते हुए बताया कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं। उन्होंने लद्दाख और देशभर के लोगों को उनकी चिंता, समर्थन और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद दिया। वांगचुक ने हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों व गिरफ्तार लोगों के लिए प्रार्थना की।

‘जांच पूरी होने तक जेल में रहने को तैयार’
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने दोहराया कि जब तक चारों मौतों की स्वतंत्र जांच नहीं होती, वे जेल से बाहर आने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे लद्दाख को छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई में KDA (Kargil Democratic Alliance) और लद्दाख के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने सभी से शांति, एकता और अहिंसा बनाए रखने की अपील की।

हाई सिक्योरिटी में रखे गए हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक को 24 सितंबर को लेह हिंसा के सिलसिले में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 26 सितंबर की रात जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। देश की सबसे सुरक्षित जेलों में शुमार इस जेल में वांगचुक को अलग वार्ड में रखा गया है और उनकी 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है।

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