इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब वैश्विक हवाई यातायात पर भी साफ दिखने लगा है।
ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की पुष्टि के बाद मध्य पूर्व में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इसके चलते कई देशों ने अपने एयरस्पेस पर पाबंदियां लगा दी हैं, जिससे लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
एअर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं
Air India ने 1 मार्च को सुरक्षा कारणों से लंदन, न्यूयॉर्क, शिकागो, टोरंटो, पेरिस और फ्रैंकफर्ट सहित कई लंबी दूरी की उड़ानें रद्द कर दीं। एयरलाइन ने कहा कि यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है, क्योंकि मध्य पूर्व में एयरस्पेस प्रतिबंध और रूट डायवर्जन की स्थिति बनी हुई है।
रद्द की गई प्रमुख उड़ानों में शामिल हैं:
दिल्ली–लंदन (हीथ्रो) और वापसी
मुंबई–लंदन (हीथ्रो) और वापसी
अमृतसर–लंदन (गैटविक) और वापसी
दिल्ली–न्यूयॉर्क (JFK) और वापसी
मुंबई–न्यूयॉर्क (JFK) और वापसी
मुंबई–नेवार्क और वापसी
दिल्ली–शिकागो और वापसी (वियना मार्ग)
दिल्ली–टोरंटो और वापसी (वियना मार्ग)
दिल्ली–फ्रैंकफर्ट और वापसी
मुंबई–फ्रैंकफर्ट और वापसी
दिल्ली–पेरिस और वापसी
दुबई एयरपोर्ट पर परिचालन रोका गया
ड्रोन हमले की घटनाओं के बाद Dubai International Airport और Al Maktoum International Airport से उड़ानों का संचालन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। यात्रियों को एयरपोर्ट न पहुंचने और अपनी संबंधित एयरलाइन से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
DGCA की एडवाइजरी
Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने भी एयरलाइंस को 11 देशों के एयरस्पेस से बचने की सलाह दी है। एयरलाइंस को वैकल्पिक मार्ग अपनाने और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक हवाई नेटवर्क पर भी पड़ रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने तक उड़ानों में और बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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