कोलंबो में खेले गए भारत-पाकिस्तान मुकाबले में टीम इंडिया ने एकतरफा अंदाज़ में जीत दर्ज की। 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई और मुकाबला भारत के नाम रहा।
इस नतीजे के साथ कोलंबो भी उन शहरों की लंबी सूची में जुड़ गया, जहां भारत ने विश्व कप मुकाबलों में पाकिस्तान को हराया है—सिडनी, बेंगलुरु, मैनचेस्टर, सेंचुरियन, डरबन, जोहान्सबर्ग, मोहाली, ढाका, एडिलेड, कोलकाता, मेलबर्न, अहमदाबाद और न्यूयॉर्क के बाद अब श्रीलंका की राजधानी में भी भारत का दबदबा कायम रहा।
हार तय होते ही स्टेडियम से निकले मोहसिन नकवी
मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में जाते ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी स्टेडियम से रवाना हो गए। उनके साथ बड़ी संख्या में पाकिस्तानी दर्शक भी मुकाबला खत्म होने से पहले ही बाहर निकलते दिखाई दिए। दूसरी ओर भारतीय खेमे में जश्न का माहौल था और प्रशंसकों ने जीत का जमकर उत्सव मनाया।
तेज गेंदबाजों ने तोड़ी कमर
लक्ष्य भले चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने नई गेंद से ही दबाव बना दिया। शुरुआती चार ओवरों में 25 रन पर तीन विकेट गिरने से पाकिस्तान बैकफुट पर चला गया।
साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, सलमान आगा और बाबर आजम जल्दी पवेलियन लौट गए। 73 रन तक पहुंचते-पहुंचते आधी टीम आउट हो चुकी थी। इसके बाद निचला क्रम संघर्ष करता रहा, लेकिन जीत की उम्मीद कभी नजर नहीं आई।
भारत की ओर से बुमराह, हार्दिक, अक्षर पटेल और वरुण ने दो-दो विकेट लिए। तिलक वर्मा ने पार्ट-टाइम स्पिन में शादाब खान को पहली ही गेंद पर आउट कर दिया, जबकि कुलदीप यादव ने भी एक सफलता हासिल की।
ईशान किशन की दमदार बल्लेबाजी
भारतीय पारी में ट्रिकी पिच पर पाकिस्तान ने स्पिन रणनीति अपनाई और अधिकांश ओवर स्पिनरों से डलवाए। इसके बावजूद ईशान किशन ने शानदार 77 रन बनाकर पारी को संभाला। उन्होंने 10 चौके और 3 छक्के लगाए और पावरप्ले में 42 रन ठोक दिए।
भारत ने छह ओवर में 52 रन बनाए, जिनमें से अधिकांश रन ईशान के बल्ले से आए। यह भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में पावरप्ले के दौरान किसी भारतीय बल्लेबाज का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर रहा।
मध्य ओवरों में रन गति थोड़ी धीमी हुई, लेकिन अंत में सूर्यकुमार यादव और शिवम ने स्कोर को 170 के पार पहुंचाया, जो अंततः पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा साबित हुआ।
कोलंबो में मिली यह जीत एक बार फिर साबित करती है कि बड़े मंच पर भारत का पलड़ा पाकिस्तान पर भारी रहा है।
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