NCP विलय अधर में: अजित पवार के निधन से दोनों गुटों का प्लान फेल

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अजित पवार के असामयिक निधन ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय के योजना को रोक दिया है। वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, पार्टी के दोनों पक्ष आगामी 8 फरवरी को ऐतिहासिक पुनर्मिलन की घोषणा करने वाले थे।

अजित पवार के नेतृत्व वाला NCP गुट सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जबकि एनसीपी (एसपी) महा विकास अघाड़ी के तहत शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के साथ है।

विलय की तैयारी

पीटीआई के अनुसार, दोनों गुटों के बीच विलय की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी। जिला परिषद चुनाव के परिणामों के बाद औपचारिक एकीकरण की तैयारी चल रही थी, तभी अजित पवार के निधन ने इस प्रक्रिया को रोक दिया।

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और प्रमुख शशिकांत शिंदे ने कहा कि विलय की बातचीत उन्नत चरण में थी। संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए नेताओं को शामिल करने पर भी विचार चल रहा था।

वरिष्ठ नेताओं की बैठक

अजित पवार के निधन के बाद बुधवार को बारामती में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि मौत से विलय योजना पर अनिश्चितता जरूर पैदा हुई है, लेकिन राजनीतिक प्रक्रिया जारी है।

जयंत पाटिल ने बताया, “हाल के दिनों में दोनों गुट अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे घर पर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए बैठक हुई। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर भी बैठक हुई। विलय की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी।”

एनसीपी (एसपी) के एक अन्य नेता ने कहा कि यह रणनीति का हिस्सा था कि जिला परिषद चुनाव के नतीजों के बाद विलय की घोषणा की जा सके। 8 फरवरी को विलय की संभावित तारीख तय की गई थी, लेकिन अजित पवार के निधन ने इस योजना को रोक दिया।

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