व्हाइट हाउस में नेतन्याहू-ट्रंप मुलाकात: गाज़ा संकट के बीच नोबेल शांति पुरस्कार का प्रस्ताव
गाज़ा संघर्ष के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में अहम मुलाकात हुई। इस दौरान नेतन्याहू ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए औपचारिक रूप से नामित करने की घोषणा की और उन्हें नामांकन पत्र सौंपा।
“आपने अब्राहम समझौतों के ज़रिए शांति की दिशा में जो काम किया है, वो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है,” नेतन्याहू ने कहा।
“मैंने नोबेल समिति को पत्र भेजा है, जिसमें आपके नाम की सिफारिश की गई है। यह पूरी तरह से योग्य सम्मान है।”
ट्रंप ने जताई गाज़ा में युद्धविराम की उम्मीद
संयुक्त प्रेस वार्ता में ट्रंप ने कहा कि उन्हें गाज़ा में युद्धविराम की संभावनाएं दिख रही हैं। “हमारे पास इज़रायल के आसपास कई देशों का समर्थन है। कुछ अच्छा ज़रूर होगा,” ट्रंप ने कहा, बिना ज़्यादा विस्तार दिए।
गाज़ा को लेकर नए प्रस्ताव, ‘पलायन’ पर चर्चा
नेतन्याहू ने गाज़ा की मौजूदा स्थिति को ‘जेल जैसी’ बताते हुए कहा कि वहां रहने वालों को विकल्प मिलने चाहिए — चाहे वे रहना चाहें या जाना। उन्होंने बताया कि अमेरिका और इज़रायल उन देशों से संपर्क कर रहे हैं जो फिलिस्तीनी नागरिकों को ‘बेहतर भविष्य’ देने की मंशा ज़ाहिर कर चुके हैं।
यह बयान फरवरी की उस टिप्पणी की पुनरावृत्ति है, जब ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका गाज़ा के लोगों को तीसरे देशों में भेजने की योजना पर विचार कर रहा है।
मुलाकात रही बेहद निजी, कोई सार्वजनिक कवरेज नहीं
ट्रंप और नेतन्याहू की इस मुलाकात को एक निजी डिनर बताया गया। कोई लाइव कवरेज या विस्तृत मीडिया बातचीत नहीं हुई, जैसा पहले होता रहा है। दिन में नेतन्याहू ने ट्रंप के मध्य पूर्व सलाहकार स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। हालांकि इन बैठकों का ब्यौरा साझा नहीं किया गया।
दोहा दौरे से पहले डिप्लोमैटिक हलचल तेज
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप के सलाहकार स्टीव विटकॉफ इस हफ्ते दोहा रवाना होंगे ताकि संघर्षविराम वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके। नेतन्याहू गुरुवार तक वॉशिंगटन में रहेंगे और अमेरिकी सांसदों से मिलेंगे। गाज़ा संघर्ष के समाधान को लेकर दोनों पक्षों में गंभीर बातचीत हो रही है — और नोबेल शांति पुरस्कार की चर्चा ने इसे नया राजनीतिक रंग भी दे दिया है।
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