यूक्रेनी नागरिकों को लड़ाई की ट्रेनिंग, NIA ने मैथ्यू डाइक को किया गिरफ्तार

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भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिजोरम सीमा के पास एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए कई विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई National Investigation Agency (NIA) ने रूसी एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर की।

टूरिस्ट वीजा की आड़ में गतिविधियां

जांच के मुताबिक, अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए, लेकिन बिना अनुमति मिजोरम पहुंचे और वहां से म्यांमार सीमा में दाखिल हो गए। आरोप है कि ये लोग स्थानीय हथियारबंद गुटों को सैन्य प्रशिक्षण दे रहे थे।

मास्टरमाइंड कौन?

इस नेटवर्क का कथित सरगना अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke है, जो खुद को युद्ध विशेषज्ञ बताता है। वह ‘Sons of Liberty International’ नाम की संस्था चलाता है, जो कथित तौर पर संघर्ष क्षेत्रों में ट्रेनिंग और सलाह देने का काम करती है।

7 गिरफ्तार, कई की तलाश

National Investigation Agency ने 13 मार्च को कोलकाता एयरपोर्ट से वैन डाइक को गिरफ्तार किया। उसके साथ छह यूक्रेनी नागरिक भी पकड़े गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह 14-15 लोगों का गिरोह था, जिसमें से कई सदस्य अब भी फरार हैं। एजेंसी अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

ड्रोन और हथियार सप्लाई की जांच

जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क यूरोप से ड्रोन मंगवा रहा था, जिन्हें उग्रवादी संगठनों तक पहुंचाया जा सकता था। इसके अलावा, इनका संपर्क ऐसे सशस्त्र ऑपरेटरों से भी बताया जा रहा है, जो आधुनिक हथियारों से लैस थे।

आतंकी साजिश के आरोप

NIA के अनुसार, आरोपियों ने प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी संगठनों को प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक मदद देने की कोशिश की। इस पूरे नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

संघर्ष क्षेत्रों से जुड़ा अतीत

रिपोर्ट्स बताती हैं कि वैन डाइक पहले भी कई युद्धग्रस्त देशों—सीरिया, लीबिया, अफगानिस्तान और इराक—में सक्रिय रहा है। 2011 के लीबियाई गृह युद्ध के दौरान वह कुछ समय तक बंदी भी रहा था।

जांच जारी

फिलहाल National Investigation Agency इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि नेटवर्क के बाकी सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता लगाया जा सके।

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