अमेरिका में ट्रंप की सख्ती जारी, 10 महीनों में 80 हजार गैर-प्रवासियों के वीजा रद्द

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अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की कड़ी कार्रवाई: 10 महीनों में 80 हजार गैर-प्रवासियों के वीजा रद्द, छोटे अपराध भी बने वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नई सरकार ने सत्ता संभालते ही इमिग्रेशन पर सख्त रुख अपनाया था। अब एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सिर्फ 10 महीनों में करीब 80,000 गैर-प्रवासियों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। स्टेट डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये वीजा शराब पीकर गाड़ी चलाने, हमला, चोरी और कानून उल्लंघन जैसे मामलों में रद्द किए गए। यह जानकारी सबसे पहले वॉशिंगटन एग्जामिनर ने प्रकाशित की थी।

स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, “अमेरिका में प्रवेश कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है। हम उन विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द करने में संकोच नहीं करेंगे जो हमारे कानूनों को कमजोर करते हैं या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।”

कई अपराधों में हुआ वीजा रद्द
अधिकारियों के अनुसार, कुल 80 हजार रद्द वीजाओं में से लगभग 16 हजार शराब पीकर वाहन चलाने (DUI) के मामलों से जुड़े थे। करीब 12 हजार वीजा हमले (असॉल्ट) और 8 हजार चोरी (थेफ्ट) के कारण रद्द किए गए।

इसके अलावा, ओवरस्टे यानी वीजा अवधि से अधिक रुकने और अन्य कानूनी उल्लंघनों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। अगस्त में 6,000 से अधिक स्टूडेंट वीजा रद्द किए गए, जिनमें कई मामलों में ‘आतंकवाद के समर्थन’ या अमेरिकी नीतियों के विरोध जैसी गतिविधियां शामिल थीं।

सोशल मीडिया पोस्ट और राजनीतिक रुख पर भी कार्रवाई
ट्रंप प्रशासन ने वीजा स्क्रीनिंग प्रक्रिया को और सख्त बना दिया है। अब सोशल मीडिया की जांच भी वीजा निर्णय का अहम हिस्सा बन गई है। हाल ही में छह विदेशी नागरिकों के वीजा सोशल मीडिया पर कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की हत्या से जुड़े कमेंट्स के कारण रद्द किए गए।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि ऐसे सैकड़ों या हजारों लोगों के वीजा रद्द किए गए हैं, जो अमेरिका-विरोधी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल थे। विदेश में तैनात राजनयिकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे “शत्रुतापूर्ण या संदिग्ध” व्यक्तियों पर सतर्क निगरानी रखें।

फलस्तीन समर्थन पर भी सख्ती
रिपोर्ट के अनुसार, स्टूडेंट वीजा या ग्रीन कार्ड धारक भी गाजा युद्ध में इज़रायल की आलोचना या फलस्तीन समर्थन वाले बयान देने पर डिपोर्ट किए जा सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि ऐसी गतिविधियां अमेरिकी विदेश नीति के खिलाफ हैं और सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं।

हालांकि, एक फेडरल जज ने हाल ही में प्रो-पैलेस्टाइनी एक्टिविस्ट्स के वीजा रद्द करने के फैसले को “फर्स्ट अमेंडमेंट” का उल्लंघन बताते हुए रोक दिया था। बावजूद इसके, स्टेट डिपार्टमेंट 5.5 करोड़ से अधिक वीजा धारकों के रिकॉर्ड की समीक्षा कर रहा है ताकि संभावित उल्लंघनों की पहचान की जा सके।

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