76वें संविधान दिवस पर देश ने किया संविधान निर्माताओं को नमन

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देशभर में आज मनाया जा रहा है 76वां संविधान दिवस

देश आज 76वां संविधान दिवस मना रहा है। यह दिन 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अपनाए जाने की याद दिलाता है। यह अवसर डॉ. भीमराव आंबेडकर और सभी संविधान निर्माताओं को नमन करने का है, जिन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के मूल्यों पर आधारित राष्ट्र की नींव रखी।

इस बीच, कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार के बीच खींचतान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए गंभीर चिंता बना हुआ है।

राहुल गांधी बोले—“संविधान पर हमला होगा तो मैं सबसे पहले खड़ा होऊंगा”

संविधान दिवस के मौके पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि भारत का संविधान सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि हर नागरिक से किया गया एक पवित्र वादा है।

उन्होंने इसे गरीबों और वंचितों का सुरक्षा कवच बताते हुए कहा:

“जब तक संविधान सुरक्षित है, तब तक हर भारतीय के अधिकार सुरक्षित हैं। इसकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है, और किसी भी हमले के खिलाफ मैं सबसे पहले खड़ा होऊंगा।”

तमिलनाडु के CM स्टालिन का संदेश—“भारत सबका है, किसी एक संस्कृति का नहीं”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने संविधान दिवस पर कहा कि भारत सभी का है, और संविधान में निहित सच्चे संघवाद को कायम रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

PM मोदी ने संविधान निर्माताओं को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रेरणा देती है।

उन्होंने नागरिकों से अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने का संकल्प दोहराने की अपील की।

मुंबई 26/11 हमले की 17वीं बरसी—देश ने शहीदों को किया याद

26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकवादी हमले की आज 17वीं बरसी है।
लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने मुंबई में चार दिनों तक दहशत फैलाई थी, जिसमें 166 लोगों की जान गई और 20 विदेशी नागरिक भी मारे गए।

  • CST स्टेशन, ताज होटल, ओबरॉय-ट्राइडेंट, नरीमन हाउस और लियोपोल्ड कैफे जैसे स्थानों पर हुए हमलों ने देश को झकझोर दिया था।
  • आज गेटवे ऑफ इंडिया पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जा रही है, जहां NSG ‘नेवर एवर’ थीम के तहत शहीदों को नमन कर रहा है।

संविधान दिवस: कैसे बनी देश की मूल कानून-पुस्तिका

  • संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
    संविधान सभा में कुल 299 सदस्य थे।
    इसे तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे।
    2015 से इस दिन को आधिकारिक रूप से “संविधान दिवस” के नाम से मनाया जा रहा है।

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