दिल्ली‑एनसीआर में GRAP-4 लागू: वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड क्लासेस की गाइडलाइन
दिल्ली‑एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQAM) ने GRAP-4 (ग्रैप-4) लागू कर दिया है। शनिवार शाम से सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश जारी किया गया है। वहीं, शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों में हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और फिजिकल क्लास) लागू करने का सर्कुलर जारी किया है।
क्यों लागू हुई GRAP-4?
शनिवार को दिल्ली में प्रदूषण स्तर खतरनाक हो गया। AQI कई इलाकों में 500 के करीब पहुंचा, जैसे रोहिणी में 499। पहले GRAP-3 लगाया गया, लेकिन AQI और बढ़ने के बाद देर शाम GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू कर दी गईं।
GRAP-4 में प्रमुख पाबंदियां
वाहन: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल चार पहिया वाहनों पर पूरी तरह रोक।
दिल्ली में प्रवेश: गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहन (Light Commercial Vehicles) की एंट्री पर रोक।
भारी वाहन: BS-VI या पुराने डीज़ल HGVs पर पाबंदी।
निर्माण और औद्योगिक गतिविधियां: ईंट भट्टे, हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर (स्वच्छ ईंधन न होने पर) और सभी निर्माण कार्य बंद।
किन्हें मिलेगी छूट
- दूध, पानी, दवा जैसी आवश्यक सेवाओं पर रोक नहीं।
- सड़क, बिजली और पाइपलाइन परियोजनाओं के निर्माण कार्य जारी रहेंगे।
- दिव्यांग लोग BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल वाहन चला सकते हैं।
- केवल जरूरी वस्तुएं लाने वाले ट्रकों को छूट। CNG, ई‑ट्रक और BS-VI ट्रकों को भी अनुमति।
- वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड क्लासेस का उद्देश्य
सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम करना और प्रदूषण को रोकना मुख्य मकसद है। सरकारी और निजी कार्यालयों में आधे कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश है।
स्कूलों में हाइब्रिड मोड से छात्रों की भौतिक उपस्थिति घटेगी, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर कम होगा। 9वीं तक के सभी छात्रों के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
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