साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप: पुलिस ने किया क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन, पीड़िता ने कॉलेज लौटने से किया इनकार
साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 25 जून को एक छात्रा के साथ कथित तौर पर हुई सामूहिक बलात्कार की घटना ने कोलकाता सहित पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने 10 दिन बाद चार आरोपियों को घटनास्थल पर लाकर घटनाक्रम का रीकंस्ट्रक्शन (पुनर्निर्माण) किया। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान से आरोपों की पुष्टि हुई है।
तीन घंटे तक चला घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
पुलिस ने पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा, वर्तमान छात्र प्रमित मुखर्जी, जैब अहमद और कॉलेज के सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी को कॉलेज लाकर घटनाओं को उसी क्रम में दोहरवाया, जैसा कि पीड़िता ने अपने बयान में बताया था। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में 3डी मैपिंग भी कराई गई ताकि घटना की तकनीकी दृष्टि से पुष्टि की जा सके।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को कॉलेज के यूनियन रूम, शौचालय और गार्ड रूम ले जाया गया—वे स्थान जहां पीड़िता ने अपने साथ बार-बार यौन उत्पीड़न होने का आरोप लगाया है।
मेडिकल और डिजिटल सबूतों से आरोपों को बल
पुलिस जांच में पीड़िता के आरोपों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से हुई है। इसके आधार पर कोलकाता पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच मामले की गहराई से जांच कर रही है। गार्ड पिनाकी बनर्जी को अपनी ड्यूटी में लापरवाही और संलिप्तता के कारण गिरफ्तार किया गया है।
कॉलेज खोलने की मांग, लेकिन पीड़िता का विरोध
कॉलेज प्रशासन ने अदालत से अकादमिक कार्यों के लिए परिसर दोबारा खोलने की अनुमति मांगी है। प्रशासन ने दलील दी कि सेमेस्टर फॉर्म भरने की समयसीमा नज़दीक है और कर्मचारियों का वेतन भी रुका हुआ है। हालांकि पुलिस ने यूनियन रूम और गार्ड रूम को अभी भी सील रखने का निर्देश दिया है।
वहीं पीड़िता ने इस दर्दनाक अनुभव के बाद कॉलेज लौटने से साफ इनकार कर दिया है। पश्चिम बंगाल महिला आयोग की अध्यक्ष लीना गांगुली ने बताया कि पीड़िता की सहेली ने आग्रह किया है कि छात्रा को किसी अन्य लॉ कॉलेज में स्थानांतरित किया जाए।
आयोग ने राज्य सरकार से यह भी सिफारिश की है कि छात्रा को मनोवैज्ञानिक सहयोग और ऐसा माहौल दिया जाए जिसमें वह सुरक्षित महसूस करते हुए पढ़ाई जारी रख सके।
परिजनों की मांग: मिले कठोरतम सजा
पीड़िता के पिता ने न्याय की अपील करते हुए कहा, “जिन्होंने मेरी बेटी के साथ दरिंदगी की, उन्हें ऐसी सजा दी जाए जो समाज के लिए मिसाल बने।”
8 जुलाई तक पुलिस हिरासत, चार्जशीट पर काम तेज
तीन आरोपियों की पुलिस हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूत खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द से जल्द एक ठोस चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश करेंगे, ताकि पीड़िता को समय पर न्याय मिल सके।
यह घटना राज्य में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और उच्च शिक्षण संस्थानों में जवाबदेही की ज़रूरत को रेखांकित करती है।
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