संसद के दोनों सदनों में आज टकराव भरा दिन रहने के आसार हैं। लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ महाभियोग का नोटिस सौंप सकता है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर 100 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर हो चुके हैं।
इसके साथ ही देश में गहराते एलपीजी सिलेंडर संकट को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है और उम्मीद है कि आज सदन में इस पर जोरदार बहस हो सकती है।
राज्यसभा में भी प्रश्नकाल के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चर्चा की मांग तेज हो सकती है। विपक्ष का कहना है कि इस क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है, इसलिए संसद में इस पर विस्तृत चर्चा जरूरी है। दोनों सदनों में दोपहर बाद निजी सदस्यों के विधेयकों और संकल्पों पर भी चर्चा होगी।
LPG संकट पर बढ़ा दबाव
इसी बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई शहरों में सिलेंडर के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि बढ़ी कीमतों और 25 दिन के रीफिल नियम को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है।
CEC पर महाभियोग की तैयारी
उधर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कई सवाल उठे हैं और इसी को आधार बनाकर महाभियोग का नोटिस लाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में आज संसद में इस मुद्दे पर भी तीखी बहस और हंगामे की संभावना है।
Comments are closed.