यमन संकट गहराया: सऊदी अरब–UAE तनाव के बीच प्रधानमंत्री का इस्तीफा

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यमन में राजनीतिक संकट एक बार फिर गहरा गया है। देश के प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्रिक ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे सऊदी अरब समर्थित प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने मंजूरी दे दी है। इस्तीफे के साथ ही यमन में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्रिक के इस्तीफे के तुरंत बाद विदेश मंत्री शाय्या मोहसिन जिंदानी को यमन का नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया गया। सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, जिंदानी को नई मंत्रिपरिषद के गठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बढ़ते क्षेत्रीय तनाव में इस्तीफा

सलेम बिन ब्रिक ने ऐसे समय में पद छोड़ा है, जब यमन लगातार राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। उनके इस्तीफे को सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ते तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर यमन की सत्ता व्यवस्था पर पड़ा है।

UAE समर्थित समूहों की बढ़ी गतिविधियां

दिसंबर में UAE समर्थित अलगाववादी संगठन दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद (STC) ने दक्षिणी और पूर्वी यमन के कई इलाकों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था और सऊदी सीमा के करीब तक अपनी मौजूदगी बढ़ा दी थी। इसे सऊदी अरब ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। बाद में सऊदी समर्थित बलों ने कई इलाकों से STC को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

सऊदी–UAE तनाव की वजहें

विश्लेषकों के मुताबिक, क्षेत्रीय प्रभाव, भू-राजनीतिक हितों और तेल उत्पादन से जुड़े मतभेद सऊदी अरब और UAE के बीच तनाव की बड़ी वजह हैं। हालांकि इससे पहले दोनों देश यमन के गृहयुद्ध में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ गठबंधन के तौर पर साथ काम कर चुके हैं।

इस संघर्ष के चलते यमन को गंभीर मानवीय संकट का सामना करना पड़ा है और मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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