हार के बाद एलिसा हीली ने जताई नाराज़गी, टीम के तेवरों पर सवाल उठाए, जेमिमा रॉड्रिगेज की जमकर तारीफ की
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली ने भारत से सेमीफाइनल में मिली हार के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन पर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने पारंपरिक तेवरों के साथ नहीं खेल सकी और कई अहम मौकों पर चूक गई।
हीली ने भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिगेज की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मानसिक मजबूती और पारी ने मैच का रुख बदल दिया। हीली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम मैच में आखिरी कुछ ओवर तक थे, लेकिन अगर आप विरोधी टीम पर लगातार दबाव नहीं बना सकते, तो ऐसे नतीजे तय हैं। जेमिमा ने शानदार बल्लेबाजी की और उसकी मानसिक दृढ़ता वाकई काबिल-ए-तारीफ थी।”
उन्होंने कहा कि टीम ने कई गलतियां दोहराईं, जो आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम से नहीं होतीं। “हमने जरूरत से ज्यादा खराब गेंदें डालीं, मौके बनाए लेकिन भुना नहीं पाए। हम उतने आक्रामक नहीं थे जितना हमें होना चाहिए था। यह प्रदर्शन उस ऑस्ट्रेलियाई टीम का नहीं था जिसे लोग जानते हैं,” उन्होंने कहा।
हीली ने यह भी माना कि कैच छोड़ना टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ। “शायद दबाव या ध्यान की कमी रही — लेकिन उन कैचों ने मैच का रुख बदल दिया,” उन्होंने कहा।
भारत की ओर से हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रॉड्रिगेज के बीच 167 रन की साझेदारी को उन्होंने मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। “दोनों अनुभवी खिलाड़ी हैं और भारतीय टीम की रीढ़ हैं। हमने अपनी योजनाओं पर टिके रहने के बजाय उन्हें आजादी से खेलने का मौका दे दिया,” हीली ने कहा।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने यह भी कहा कि अब भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच फाइनल से एक नया वनडे चैंपियन सामने आएगा। “यह विश्व कप अब तक के सबसे रोमांचक टूर्नामेंटों में से एक रहा है। भारत में मिले समर्थन और दर्शकों की ऊर्जा देखकर बहुत अच्छा लगा। उम्मीद है कि भविष्य में महिला क्रिकेट के लिए कैलेंडर में और वनडे मैच शामिल किए जाएंगे,” हीली ने कहा।
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