राजा रघुवंशी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
सिर पर दो प्रहार
मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में मिले राजा रघुवंशी (29 वर्ष, इंदौर निवासी) के पोस्टमार्टम में पुष्टि की गई है कि उनके सिर पर दो गहरे, धारदार हथियार से हुए घाव हैं – एक सामने और एक पीछे, जो स्पष्ट रूप से हत्या की ओर इशारा करते हैं.
हत्या स्थल और हथियार
शव की पहचान 2 जून 2025 को Wei Sawdong Falls के पास खाई से की गई, साथ ही पास में एक खून से लथपथ चाकू (माचेते/dao) भी मिला जिसका डिजाइन स्थानीय नहीं था, बल्कि उसे गुवाहाटी से खरीदा जाना बताया गया।
संदिग्धों की गिरफ्तारी और गिरफ्तारी में पत्नी की भूमिका
नार्को-निर्मित हत्या: पुलिस का दावा है कि राजा के हत्यार्थ एक योजनाबद्ध षड्यंत्र हुआ, जिसमें उनकी बीवी सोनम रघुवंशी (24 साल) कथित रूप से शामिल थी। उसने हत्यारे “हायर” किए थे, जिनमें उसके प्रेमी राज कुशवाहा (उसके पूर्व कर्मचारी) सहित तीन अन्य (आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान, आनंद कुर्मी) शामिल बताए गए हैं ।
पत्नी का आत्मसमर्पण: सोनम ने सोमवार (9 जून 2025 को) उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर जाकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। गिरफ्तारी के समय यह दावा किया गया कि उसके फोन से उसकी योजनाओं को पता चला ।
संदिग्धों की स्थिति: चार गिरफ्तार: सोनम (घटनाक्रम की मुख्य कनेक्शन), राज कुशवाहा, आकाश राजपूत, विशाल सिंह, आनंद कुर्मी।
एक और सह-आरोपी (पांचवां) अभी फरार है।
इसके संभावित कारण
सोनम पर आरोप है कि उसने राजा को गहनों सहित (लगभग ₹10 लाख के आभूषण) गवाही में पहनाया था और अकेले मेघालय ट्रिप की बुकिंग की थी, जिससे धोखा और वित्तीय मकसद की संभावना है ।
परिवार व राजकीय स्तरीय जांच की मांग भी उठी है:
राजा के भाई की मांग: CBI जांच
- सोनम के पिता का कहना है कि वह बेगुनाह हैं और यह आरोप पुलिस की साझा रणनीति है; उन्होंने CBI जांच का अनुरोध किया है ।
मेघालय में ILP को लेकर CoMSO की प्रतिक्रिया - CoMSO (Confederation of Meghalaya Social Organisations) ने सोनम के परिवार से माफी की मांग की है, यह कहते हुए कि उन्होंने राज्य और मेघालयियों की छवि को बदनाम करने वाले प्रचार किए हैं।
- संगठन ने आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक रूप से सनसनीखेज बनाकर, आपराधिक घटना के नाम पर मेघालय विरोधी भावनाएँ फैलाने और पर्यटन को प्रभावित करने की कवायद का हिस्सा है।
CoMSO ने फिर से Inner Line Permit (ILP) लागू करने की मांग को दोहराया, दावा किया कि इससे राज्य की सुरक्षा बढ़ेगी, बाहरी व्यक्तियों पर निगरानी होगी और ऐसे अपराधों में कमी आएगी।
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