समस्तीपुर में 476 जीविका दीदियों को मिला 3.57 करोड़ का ऋण, महिलाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए रास्ते
समस्तीपुर: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए जीविका निधि योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और पहले से संचालित छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। समस्तीपुर जिले में योजना के तहत अब तक 30 हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं।
476 महिलाओं को दी गई वित्तीय सहायता
योजना के तहत प्राप्त आवेदनों में पात्रता के आधार पर अब तक 476 लाभुकों को कुल 3.57 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। इस राशि का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार स्वरोजगार शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कर सकती हैं।
किराना दुकान से पशुपालन तक मिलेगा लाभ
ऋण की सहायता से जीविका दीदियां किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई, पशुपालन, कृषि आधारित कारोबार और अन्य छोटे व्यवसायों की शुरुआत कर सकती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही, अतिरिक्त आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने का अवसर भी मिलेगा।
15 हजार से 2 लाख रुपये तक ऋण का प्रावधान
जीविका निधि योजना के तहत तीन श्रेणियों में ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके अंतर्गत 15 हजार रुपये, 75 हजार रुपये और दो लाख रुपये तक की राशि दी जा सकती है। महिलाएं अपनी व्यावसायिक जरूरतों और पात्रता के अनुसार ऋण के लिए आवेदन कर सकती हैं।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना है।
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