बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश इस वक्त आतंक और अराजकता के दौर से गुजर रहा है और देश के संसाधनों को विदेशी ताकतों के हवाले करने की साजिश चल रही है। 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनाव से पहले शेख हसीना का यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्माने वाला माना जा रहा है। अवामी लीग का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर पार्टी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद हसीना ने बांग्लादेश की जनता से यूनुस सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने की अपील की है।
भारत से रिकॉर्डेड संबोधन
2024 में देश छोड़ने के बाद शेख हसीना ने पहली बार भारत में आयोजित एक कार्यक्रम को रिकॉर्डेड संदेश के जरिए संबोधित किया। उन्होंने कहा,
“बांग्लादेश आज खाई के किनारे खड़ा है। यह देश खून से लथपथ है और अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है।”
कट्टरपंथ और विदेशी हस्तक्षेप का आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में हासिल की गई आज़ादी आज खतरे में है। उनके मुताबिक, कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतें और विदेशी अपराधी देश को अंदर से तबाह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कभी शांत और उपजाऊ रही हमारी धरती आज घायल है। पूरा देश एक खुली जेल, फांसीघर और मौत की घाटी बन चुका है।”
जनता के हालात पर चिंता
शेख हसीना ने कहा कि देशभर में लोग तबाही के बीच जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हर तरफ जिंदगी की गुहार और राहत के लिए दर्दनाक चीखें सुनाई दे रही हैं।
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