सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला, पत्नी गीतांजलि ने दी चुनौती

3

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक नेता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उनकी पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस याचिका में केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाया गया है। यह याचिका गुरुवार शाम दाखिल की गई।

गीतांजलि ने बातचीत में आरोप लगाया था कि चार साल पहले से ही सोनम वांगचुक के खिलाफ ‘विच हंट’ चल रहा है। उन्होंने कहा था कि खुफिया ब्यूरो (IB) ने एफसीआरए को ब्लैकमेलिंग के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।

हिंसा भड़काने के आरोपों को नकारा
सोनम की पत्नी ने उन पर लगे हिंसा भड़काने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना था कि सोनम ने हिंसा रोकने के लिए उपवास तोड़ा और झड़पों की निंदा की। यहां तक कि शोक संतप्त परिवारों ने भी कहा कि घटनाओं के लिए सोनम जिम्मेदार नहीं हैं। गीतांजलि ने साफ किया कि वे न्याय पाने के लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे और नज़रबंदी आदेश की प्रति का इंतजार कर रहे हैं।

लेह से जोधपुर जेल शिफ्ट
लेह में गिरफ्तारी के बाद कुछ दिनों में ही सोनम वांगचुक को कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है और उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

24 घंटे निगरानी
जेल पहुंचने पर उनकी मेडिकल जांच कराई गई और उन्हें हाई-सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया। जिस सेल में वे हैं, वहां CCTV कैमरे लगे हैं, जिससे उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।

देश की सबसे सुरक्षित जेलों में शामिल
जोधपुर सेंट्रल जेल को देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है। इससे पहले यहां पंजाब और विदेशों के आतंकवादियों को भी रखा जा चुका है।

Comments are closed.