दिल्ली-NCR में आज एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। आसमान में बादलों के बीच सुबह से दोपहर तक एक-दो दौर की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी होगी, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
23 जनवरी की बारिश से गिरा था पारा
वेस्ट यूपी के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और दिल्ली में 23 जनवरी को हुई बारिश के बाद तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई थी।
22 जनवरी को न्यूनतम तापमान 13–14 डिग्री और अधिकतम 25.5 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन बारिश के बाद न्यूनतम तापमान 5–6 डिग्री और अधिकतम 18–19 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।
शीत लहर का असर बढ़ा
तापमान में गिरावट के चलते दिल्ली में शीत लहर का असर बढ़ गया है। 26 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री और अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
IMD के अनुसार, 28 जनवरी से 1 फरवरी तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिलेगा। हालांकि 27 जनवरी के बाद मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना कम है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते 26 से 28 जनवरी के बीच हिमालयी क्षेत्रों में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होगी।
27 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अनुमान है।
इसी दिन उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और ओले पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जो आंधी के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तराखंड-हिमाचल में बर्फबारी से परेशानी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बर्फबारी जारी है। उत्तराखंड के चकराता, औली, केदारनाथ और बद्रीनाथ में बर्फ जम चुकी है। वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली में बर्फबारी के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें और जाम की स्थिति बनी हुई है।
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