अफगानिस्तान, पाकिस्तान और चीन में भूकंप के तेज झटके, लोग घरों से बाहर निकले — जानें कितनी रही तीव्रता

2

पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भूकंप के झटके, तीनों देशों में दहशत का माहौल

गुरुवार को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। तीनों देशों में अलग-अलग समय पर भूकंप आए, जिनकी तीव्रता 4.3 से 4.7 के बीच दर्ज की गई।

चीन के झिंजियांग में फिर हिली धरती
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, गुरुवार सुबह चीन के झिंजियांग क्षेत्र में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया। यह झटका रविवार को आए 4.9 तीव्रता वाले भूकंप के कुछ दिनों बाद महसूस किया गया। भूकंप की गहराई 130 किलोमीटर मापी गई। पिछले कुछ महीनों में झिंजियांग में कई बार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जिससे लोग लगातार डर के माहौल में जी रहे हैं।

अफगानिस्तान में 4.4 तीव्रता का झटका
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और उसके आसपास के इलाकों में 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर बताई गई, जो इसे आफ्टरशॉक्स के प्रति संवेदनशील बनाती है। हाल ही में उत्तरी अफगानिस्तान में आए भूकंप में 27 लोगों की मौत और करीब 1,000 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई थी।

पाकिस्तान में भी महसूस किए गए झटके
एनसीएस के मुताबिक, पाकिस्तान में गुरुवार को 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र 240 किलोमीटर की गहराई पर था। यह क्षेत्र पहले से ही भूकंपीय रूप से अत्यधिक सक्रिय माना जाता है, जहां बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे इलाके यूरेशियन प्लेट के किनारे स्थित हैं।

उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक
विशेषज्ञों के अनुसार, उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक नुकसानदेह होते हैं, क्योंकि उनकी भूकंपीय तरंगें सतह तक जल्दी पहुंच जाती हैं। इससे जमीन में तेज कंपन होता है और भवनों को अधिक क्षति पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।

भूकंपों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र
चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान का इलाका तीन प्रमुख टेक्टॉनिक प्लेटों — प्रशांत, भारतीय और यूरेशियन — के संगम पर स्थित है। यही कारण है कि यह क्षेत्र बार-बार भूकंपीय गतिविधियों से प्रभावित होता है। केवल चीन में ही 20वीं सदी की शुरुआत से अब तक 6 या उससे अधिक तीव्रता के 800 से ज्यादा भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं।

Comments are closed.