सबरीमाला की स्वर्ण चौखट पर सस्पेंस: 39 दिन बाद लौटी, 4.5 किलो सोने की चोरी से सवाल खड़े

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सबरीमाला स्वर्ण चौखट विवाद: 4.5 किलो सोने की चोरी पर उठे गंभीर सवाल।

केरल के सबरीमाला मंदिर की पवित्र स्वर्ण जड़ित चौखट को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चौखटों को मरम्मत के लिए मंदिर से हटाया गया था, लेकिन 39 दिनों बाद लौटने पर लगभग 4.5 किलो सोना गायब पाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, 19 जुलाई 2019 को जीर्णोद्धार कार्य के तहत द्वारपालक मूर्तियों और द्वारों के पैनलों से सोने की परत हटाई गई थी, जिसका वजन 42.8 किलो था। अगले दिन, चेन्नई की इलेक्ट्रोप्लेटिंग कंपनी स्मार्ट क्रिएशंस के पास भेजा गया। हालांकि, चौखट सीधे चेन्नई नहीं गई। इसे इस दौरान कोट्टायम, आंध्र प्रदेश और बेंगलुरु के मंदिरों में ले जाया गया और मलयालम अभिनेता जयराम के घर भी निजी पूजा के लिए लाया गया।

चौखट 39 दिन बाद 11 सितंबर 2019 को सबरीमाला वापस भेजी गई, तब इसका वजन घटकर 38.25 किलो रह गया। इस दौरान लगभग 4.5 किलो सोना गायब होने की जानकारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या लौटकर आई चौखट वही थी जो सबरीमाला से भेजी गई थी, और सोने की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी।

राजनीतिक विवाद और जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इस मामले पर केरल सरकार पर हमला करते हुए कहा कि फिल्मी हस्तियों के खिलाफ जांच ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब भी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति को बदनाम करने की कोशिश की जाती है।

केरल भाजपा प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने देवस्वोम बोर्ड की गतिविधियों और राज्य के मंदिरों में कथित लूट की स्वतंत्र केंद्रीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है, बल्कि पिछले 10-20 साल से मंदिरों से सोने और धन की चोरी होती रही है। चंद्रशेखर ने कहा कि अपराधियों की पहचान कर उन्हें सजा दी जानी चाहिए, और इसके लिए देवस्वोम की पिछले 30 वर्षों की विजिलेंस रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

विपक्ष ने केरल विधानसभा में विरोध प्रदर्शन किया और देवस्वोम मंत्री वीएन वासवन के इस्तीफे तक कार्यवाही में सहयोग करने से इनकार कर दिया।

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