द बंगाल फाइल्स’ ट्रेलर विवाद पर गरमा-गरमी, विवेक अग्निहोत्री के आरोपों को लेकर कोलकाता पुलिस का बयान
द बंगाल फाइल्स’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। हाल ही में लॉन्च किए गए ट्रेलर को लेकर कोलकाता में हंगामा मच गया।
फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने शहर के एक फाइव-स्टार होटल में ट्रेलर की पब्लिक स्क्रीनिंग की थी। लेकिन कोलकाता पुलिस का आरोप है कि उन्होंने इस आयोजन के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना परमीशन ट्रेलर दिखाना पश्चिम बंगाल सिनेमा (विनियमन) अधिनियम, 1954 की धारा 3 का उल्लंघन है। उनका कहना है कि अगर विवेक ने अनुमति ली थी तो वे उसके सबूत पेश करें।
ट्रेलर लॉन्च रुकवाने पर बात करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने कहा-
यह सबकुछ आपके सामने हुआ। CBFC के द्वारा अप्रूव की गई फिल्म के ट्रेलर लॉन्च को रोक दिया गया। यह तनाशाही है। पुलिस इसलिए आई, जिससे हम फिल्म न दिखा सकें। कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए बंगाल पुलिस की मदद लेते हैं।
विवेक अग्निहोत्री का दावा
विवेक का आरोप है कि शनिवार को आयोजित ट्रेलर लॉन्च इवेंट को पुलिस ने जबरन रोक दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि यह फिल्म “बदलती डेमोग्राफी” पर आधारित है, और इसी वजह से इसे रोका जा रहा है। उनका कहना है, “मैं चुप नहीं रहूंगा।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विवाद पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने विवेक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक समर्थन मिला हुआ है। कुणाल घोष ने चुनौती दी कि अगर उनमें दम है तो वे गुजरात फाइल्स, गोधरा फाइल्स, मणिपुर फाइल्स या यूपी फाइल्स (उन्नाव, हाथरस, प्रयागराज जैसी घटनाओं पर) बनाकर दिखाएं।
अन्य घटनाक्रम
ट्रेलर लॉन्च से पहले शुक्रवार को विवेक अग्निहोत्री को कोलकाता के कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना करते भी देखा गया था। इस दौरान उनके साथ बीजेपी के मीडिया प्रभारी तुषार कांति घोष मौजूद थे।
फिल्म के ट्रेलर को लेकर खड़ा हुआ यह विवाद अब सीधे राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।
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