सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: आवारा कुत्तों और पशुओं को लेकर 10 अहम बातें
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर कुत्तों और अन्य आवारा जानवरों के खतरे को देखते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की विशेष पीठ ने कहा कि पकड़े गए कुत्तों को निर्दिष्ट आश्रय स्थलों में भेजा जाए और उन्हें वापस उसी जगह न छोड़ा जाए।
मुख्य निर्देश:
सभी स्कूल, अस्पताल, स्टेडियम, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन कुत्तों से मुक्त हों।
सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 8 हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करें।
हर संस्थान में नोडल अधिकारी नियुक्त हो, जो सुरक्षा और सफाई का जिम्मेदार होगा।
अस्पतालों में हमेशा एंटी-रैबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोब्युलिन उपलब्ध रहें।
स्कूलों में छात्रों को जानवरों से बचाव और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी जाए।
संस्थानों को दीवार और गेट से घेरा जाए, ताकि कुत्ते अंदर न घुस सकें।
हाईवे और सड़कों से आवारा गाय, बैल और अन्य जानवर हटाए जाएं।
हर हाइवे पर 24 घंटे हेल्पलाइन और निगरानी टीमें तैनात हों।
पकड़े गए कुत्तों को उसी जगह पर वापस न छोड़ा जाए।
आदेश का पालन न करने पर अवमानना कार्रवाई होगी; अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को।
Comments are closed.