प्रदेश सरकार ने विधानसभा में स्वीकारा है कि विभिन्न विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में हजारों पद खाली हैं। यह स्थिति तब है जब जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारों की संख्या निरंतर बढ़ रही है।
सरकार ने सदन को यह भी बताया कि 10,757 चतुर्थ श्रेणी के पदों की पहचान की गई है और वर्तमान में वित्त विभाग द्वारा समीक्षा की जा रही है। 6,000 से अधिक अतिरिक्त पदों को जल्द ही भरने के लिए तैयार किया जाएगा।
सरकार ने सभी विभागों को पहले 100 दिनों और फिर एक वर्ष (20 नवंबर 2024 से 20 नवंबर 2025 तक) के भीतर भर्ती के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया है। माकपा के विधायक एमवाई तारिगामी को लिखित जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी है।
जेकेपीएससी करेगी 9351 भर्ती
सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 13466 नॉन गजटेड पदों को भरने के लिए जम्मू-कश्मीर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड को रेफर किया गया था। इसमें से 9351 पद भरे जा चुके हैं। इसी तरह से 2390 गजटेड पदों को जम्मू-कश्मीर पब्लिक सर्विस कमीशन को भरने के लिए भेजा गया था, जिसमें से 2175 का चयन हो गया है।
पिछले 10 वर्षों (2015-2024) में सरकार ने 54,540 पदों को जम्मू और कश्मीर सेवा चयन बोर्ड को भेजा है, जिसमें से 49,564 पदों पर चयन किया गया। इसमें 5,199 पद जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग को भेजे गए, जिसमें से 3,212 पदों पर नियुक्तियां की गईं। इसके बावजूद, हजारों स्वीकृत पद अभी भी लंबित हैं और मंजूरी या संदर्भ की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कैजुअल कर्मियों के मामले में उच्च स्तरीय समिति
सरकार का जोर तेज और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया पर है। इस बीच तारिगामी द्वारा उठाए गए 60,000 से अधिक दैनिक वेतन भोगियों, आकस्मिक और कैजुअल श्रमिकों के नियमितीकरण के मुद्दे पर सरकार ने एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन की बात कही है।