दिल्ली-NCR में बढ़ी ठंड, हवा हुई जहरीली: AQI 300 पार, जानें क्यों सर्दियों में बढ़ता है प्रदूषण
उत्तर भारत में सर्दी ने दस्तक दे दी है। दिल्ली-NCR, यूपी, राजस्थान और उत्तराखंड में सुबह-शाम सिहरन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने 7 से 9 नवंबर तक ठंड में और इजाफे की संभावना जताई है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी ने भी ठंड बढ़ा दी है।
दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
राजधानी में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है। शुक्रवार सुबह आनंद विहार और विवेक विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज किया गया। धुंध की मोटी परत छाई है और दृश्यता कम हो गई है। प्रदूषित हवा के कारण लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें बढ़ी हैं।
प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह: पराली और ठंडी हवा
विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से हवा में प्रदूषकों की मात्रा तेजी से बढ़ी है। गुरुवार को दिल्ली की हवा में पराली से होने वाले प्रदूषण का प्रतिशत 21.25% था, जो शुक्रवार को बढ़कर करीब 39% तक पहुंचने का अनुमान है।
सर्दियों में क्यों फंस जाते हैं प्रदूषक?
ठंड के मौसम में तापमान गिरने से हवा की गति धीमी हो जाती है। ठंडी और घनी हवा ज़मीन के पास प्रदूषकों को फंसा लेती है, जिससे वे ऊपर नहीं जा पाते। बारिश भी न के बराबर होती है, इसलिए हवा की प्राकृतिक सफाई नहीं हो पाती। यही वजह है कि सर्दियों में PM2.5 और PM10 कणों का स्तर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है।
परिणामस्वरूप, दिल्ली-NCR में ठंड के साथ-साथ सांसों पर भी संकट गहराता जा रहा है।
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