दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस अलर्ट, WhatsApp से होगी बसों की निगरानी; उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
दिल्ली में प्रदूषण पर ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, WhatsApp से होगी निगरानी; नियम तोड़ने वाली बसें बॉर्डर पर रुकेंगी
दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू होने के बीच अब पड़ोसी राज्यों की पुलिस और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। इसके लिए एक अलग WhatsApp समूह बनाया जाएगा, जिसके जरिए प्रदूषण नियमों के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी तुरंत साझा की जा सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत नियमों का पालन नहीं करने वाली अंतरराज्यीय बसों को दिल्ली में दाखिल होने से पहले ही सीमाओं पर रोकने और वैकल्पिक मार्गों पर भेजने की योजना है।
अंतरराज्यीय बैठक में बनी रणनीति
बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) अजय चौधरी की अध्यक्षता में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक हुई। इसमें पड़ोसी राज्यों और जिलों की पुलिस तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयसीमा में लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही, एक नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों पर लागू होने वाले प्रवेश प्रतिबंधों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंधों को निर्धारित शर्तों और लागू छूट के अनुसार लागू किया जाएगा। वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। इसके अलावा, निगरानी और नियमों के पालन की जांच के लिए संयुक्त टीमें गठित करने पर भी चर्चा हुई।
इलेक्ट्रिक, CNG और BS-6 बसों के प्रवेश पर जोर
दिल्ली में बसों के प्रवेश को लेकर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। लागू नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार, इलेक्ट्रिक, CNG और BS-6 डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाली अंतरशहरी और अंतरराज्यीय बसों को सीमा पर ही रोककर दूसरे रास्तों की ओर मोड़ने पर जोर दिया गया है। WhatsApp समूह के माध्यम से विभिन्न राज्यों की एजेंसियां आपस में सूचनाएं साझा कर सकेंगी, जिससे उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू निर्देशों को प्रभावी बनाना और दिल्ली में निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाना है।
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