Donald Trump ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में जोरदार और आक्रामक अंदाज़ अपनाते हुए कहा कि “अमेरिका का स्वर्ण युग आ चुका है।” उन्होंने दावा किया कि United States आज अपने इतिहास के सबसे मजबूत दौर में है और हर मोर्चे पर अभूतपूर्व सफलता हासिल कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि देश इतनी जीत दर्ज कर रहा है कि “हम जीत-जीतकर थक गए हैं।”
संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति के वार्षिक संबोधन को स्टेट ऑफ द यूनियन कहा जाता है. अमेरिकी संविधान (अनुच्छेद II, धारा 3) के अनुसार राष्ट्रपति को समय-समय पर कांग्रेस को देश की स्थिति के बारे में जानकारी देना अनिवार्य है.
अपने भाषण में उन्होंने हालिया टैरिफ विवाद का भी जिक्र किया। ट्रंप ने उन देशों को कड़ी चेतावनी दी जो Supreme Court of the United States के फैसले के बाद व्यापार समझौतों से पीछे हटने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा और किसी भी दबाव में नहीं आएगा।
संबोधन के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी मेंस ओलंपिक हॉकी टीम के गोलटेंडर को प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम देने की घोषणा भी की। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने दुनिया के मंच पर अमेरिका का सम्मान बढ़ाया है।
स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन अमेरिकी लोकतांत्रिक परंपरा का अहम हिस्सा है। अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद II, खंड 3 के तहत राष्ट्रपति को समय-समय पर United States Congress को देश की स्थिति की जानकारी देनी होती है और आवश्यक सुझाव प्रस्तुत करने होते हैं। समय के साथ यह परंपरा वार्षिक संबोधन के रूप में विकसित हुई, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किया जाता है और यही औपचारिक रूप से स्टेट ऑफ द यूनियन कहलाता है।
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