अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए क्यूबा को तेल की आपूर्ति करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इस संबंध में ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस आदेश के तहत अमेरिकी प्रशासन यह जांच करेगा कि कौन-कौन से देश क्यूबा को तेल बेच रहे हैं और उन देशों के उत्पादों पर टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम क्यूबा सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में क्या कहा गया
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में दावा किया गया है कि क्यूबा सरकार ऐसे कदम उठा रही है जो अमेरिका के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि क्यूबा सरकार अमेरिका-विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ देशों और संगठनों के साथ सहयोग करती है।
मेक्सिको पर बढ़ सकता है असर
इस फैसले के बाद मेक्सिको पर अमेरिकी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हाल के वर्षों में मेक्सिको क्यूबा का प्रमुख विदेशी तेल सप्लायर बन गया है, खासकर तब जब आर्थिक संकट के चलते वेनेजुएला से तेल आपूर्ति में गिरावट आई।
ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में सामने आए दस्तावेजों में संकेत मिला था कि मेक्सिको ने क्यूबा को कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी कुछ योजनाओं पर रोक लगाने पर विचार किया था।
अमेरिका की यह कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है जब मेक्सिको अमेरिका का एक अहम व्यापारिक और ऊर्जा साझेदार है। हालांकि ट्रंप के इस आदेश पर अब तक मेक्सिको के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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