ईरान ने सऊदी अरब को बनाया निशाना, प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अमेरिकी विमानों को नुकसान

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ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

दोनों पक्षों की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब के एक प्रमुख सैन्य ठिकाने पर हुए हमले में अमेरिकी वायुसेना के कई विमान क्षतिग्रस्त हो गए।

अमेरिकी अखबार The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base पर तैनात अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग (ईंधन भरने वाले) विमान ईरानी मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि ये विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और उनकी मरम्मत की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।

मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी

युद्ध के दो सप्ताह बाद अब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 2,500 अमेरिकी मरीन सैनिक तीन युद्धपोतों के साथ क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों में उभयचर हमला पोत USS Tripoli (LHA-7) भी शामिल बताया जा रहा है।

तेहरान में रैली के बीच धमाका

इसी बीच ईरान की राजधानी Tehran में एक बड़ा विस्फोट होने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विस्फोट शहर के Ferdowsi Square इलाके में हुआ, जहां हजारों लोग वार्षिक Quds Day रैली में शामिल होने के लिए जुटे थे। इस रैली में फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए जा रहे थे।

तेल अवीव में भी धमाकों की आवाज

दूसरी ओर इजरायल के वाणिज्यिक केंद्र Tel Aviv में भी कई विस्फोटों की आवाज सुने जाने की खबर है। यह घटनाएं उस समय हुईं जब इजरायली सेना ने चेतावनी दी थी कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागी गई हैं।

ट्रंप का दावा—ईरान झुकने वाला है

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान जल्द ही आत्मसमर्पण कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने जी-7 देशों के नेताओं के साथ एक डिजिटल बैठक के दौरान यह बात कही और ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान Operation Epic Fury में सफलता का दावा किया।

हालांकि G7 के कई नेताओं ने अमेरिका से युद्ध को जल्द खत्म करने की अपील भी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने बातचीत के दौरान युद्ध के बढ़ते आर्थिक और वैश्विक असर पर चिंता जताई।

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