अमेरिकी अदालत ने इजरायल की जासूसी कंपनी NSO ग्रुप को व्हाट्सएप में सेंधमारी करने से स्थायी रोक लगा दी है और चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर कंपनी को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है।
यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज फिलिस हैमिल्टन ने अपने 25 पेज के फैसले में NSO के हैकिंग प्रयासों पर रोक लगाते हुए जूरी ट्रायल में लगाए गए हर्जाने में भारी कटौती की। पहले 167 मिलियन डॉलर का जुर्माना था, जिसे अब केवल 4 मिलियन डॉलर कर दिया गया है। यह राशि NSO को व्हाट्सएप को चुकानी होगी।
मेटा के अधिकारियों ने फैसले का स्वागत किया। व्हाट्सएप के प्रमुख विल कैथकार्ट ने कहा कि छह साल तक चले इस मामले का निर्णय स्वागत योग्य है। अब NSO को सिविल सोसाइटी के सदस्यों को निशाना बनाने पर जिम्मेदार ठहराया जा सकेगा, और स्थायी रोक के कारण अमेरिका में कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा।
NSO पर लंबे समय से अपने स्पाईवेयर पेगासस के जरिए मानवाधिकारों का उल्लंघन करने के आरोप लगते रहे हैं। पेगासस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर सेंध लगाता और सर्विलांस करता है। यही कारण है कि व्हाट्सएप NSO का मुख्य निशाना रहा।
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