उत्तरकाशी त्रासदी: देवदूतों की टीम खोजी कुत्तों और ड्रोन के साथ कर रही तलाश

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धराली में कहर: बादल फटने से तबाही, बचाव में जुटीं टीमें, अब तक 190 लोगों को निकाला गया सुरक्षित

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। मंगलवार दोपहर खीरगंगा नदी में अचानक आई बाढ़ ने गांव का आधा हिस्सा अपने साथ बहा दिया। तेज बहाव में कई घर, दुकानें और रास्ते तबाह हो गए, जबकि मलबे में कई लोग फंस गए।

बुधवार को राहत और बचाव कार्य के दौरान दो शव बरामद किए गए। अब तक कुल 190 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें दिन-रात बिना रुके रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। हर पल कीमती साबित हो रहा है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है।

WNS की टीम ग्राउंड ज़ीरो से हालात की रिपोर्टिंग कर रही है। वहीं, कई और राहत टीमें रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि भटवाड़ी में उत्तरकाशी-हर्सिल मार्ग पूरी तरह बह गया है। रास्ता बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है ताकि अतिरिक्त सहायता जल्द मौके पर पहुंच सके।

राज्य सरकार ने इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर चिंता जताई है और राज्य को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। वह खुद भी रेस्क्यू ऑपरेशन पर निगरानी बनाए हुए हैं।

धराली की यह त्रासदी एक बार फिर दिखाती है कि पहाड़ों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी भयावह हो सकती हैं — और साथ ही यह भी कि हर मुश्किल में इंसानियत की राहत टीमें देवदूत बनकर सामने आती हैं।

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